सच्ची शिक्षा पढ़ाई के साथ साथ आल राउंड डेवलपमेंट में है — डॉ. दिलीप मोदी

सांस्कृतिक चेतना का संगम, मोदी वर्ल्ड स्कूल के होस्टल ईव में बच्चों ने बिखेरी अपनी चमक

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झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
मोदी वर्ल्ड स्कूल विज्डम सिटी एक बार फिर कला और संस्कृति के एक अनूठे उत्सव का साक्षी बना। हॉस्टल के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस बॉर्डर्स ईव सांस्कृतिक महोत्सव ने न केवल बच्चों में मनोरंजन का संचार किया। बल्कि भारत की अनूठी विरासत को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया। मंच पर पड़ती रोशनी की पहली किरण के साथ ही ऑडिटोरियम में एक नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला। जहां विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों ने दर्शकों के दिलों को छू लिया। कार्यक्रम में जहां एक ओर विद्यार्थियों ने शास्त्रीय और भारतीय नृत्य की जुगलबंदी से समां बांध दिया, वहीं दूसरी ओर देशभक्ति के गीतों और मधुर वादन ने वातावरण को भावुक और गरिमामयी बना दिया। विशेष रूप से पारंपरिक लोक नृत्यों के माध्यम से छात्रों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को अत्यधिक प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रत्येक प्रस्तुति में छात्रों का आत्मविश्वास और उनकी कड़ी मेहनत साफ दिखाई दी। महोत्सव का सबसे मनमोहक और मुख्य आकर्षण भारतीय संस्कृति पर आधारित राज्यों का नृत्य संगम रहा। इस गौरवशाली प्रस्तुति में भारत के विभिन्न कोनों से आए 50 से अधिक बच्चों ने एक साथ मंच साझा किया। विज्डम सिटी के इस मिनी इंडिया स्वरूप को तब सार्थकता मिली जब इन विद्यार्थियों ने अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक परिधानों में वहां के लोक नृत्यों को प्रस्तुत किया। इसके साथ नन्हें बच्चों की प्रस्तुति ने भी सभी का मन मोह लिया। स्कूल चेयरमैन डॉ. दिलीप मोदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह छात्र के सर्वांगीण विकास से होती है। ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर छिपे टैलेंट को बाहर लाने और उन्हें आत्मविश्वासी बनाने में सहायक होते हैं। विजडम सिटी वास्तव में एक मिनी इंडिया है। जहां देश के हर कोने से आई प्रतिभाएं एक साथ फलती-फूलती हैं। हमारा उद्देश्य इन बच्चों को केवल डिग्री धारक बनाना नहीं, बल्कि उन्हें कला, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से ओतप्रोत करना है। ताकि वे वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन कर सकें। जब एक छात्र मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करता है। तो वह न केवल अपना हुनर दिखाता है। बल्कि चुनौतियों का सामना करने का साहस भी सीखता है। यही वह असली शिक्षा है जो एक बेहतर समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है। हॉस्टल निदेशक कुरड़ाराम धींवा ने होस्टल जीवन में सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक हॉस्टल केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि एक ऐसा संस्कार केंद्र है जहां अनुशासन और कला का संगम होता है। बॉर्डर्स ईव जैसे कार्यक्रम छात्रों के भीतर की झिझक को दूर कर उन्हें मंच प्रदान करता है। जिससे उनकी प्रतिभा निखर कर आती है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहता है कि घर से दूर रह रहे इन बच्चों को विजडम सिटी के इस मिनी इंडिया में ऐसा माहौल मिले। जहां वे अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व कर सकें और एक परिवार की तरह एकजुट होकर अपनी प्रतिभा को निखारें। स्कूल निदेशक आकाश मोदी ने विद्यार्थियों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने नन्हें युवाओं के जोश को नई दिशा देते हुए कहा कि आज मंच पर जो आत्मविश्वास और कला कौशल हम देख रहे हैं। वह केवल एक प्रदर्शन नहीं बल्कि एक उज्ज्वल भविष्य की नींव है। ये बच्चे केवल कलाकार नहीं, बल्कि आने वाले कल के वे लीडर्स हैं। जो यहां से सीखे गए संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों के बल पर देश का नेतृत्व करेंगे। हमारा निरंतर प्रयास है कि विज्डम सिटी के इस मंच से हम ऐसी प्रतिभाएं तैयार करें। जो न केवल अपनी जड़ों से जुड़ी हों, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सामर्थ्य रखती हों। स्कूल प्राचार्य डॉ. रविशंकर शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि मोदी वर्ल्ड स्कूल का यह पहला ऑफिसियल सांस्कृतिक कार्यक्रम है। इतने कम समय में विद्यार्थियों द्वारा इतनी परिपक्व और प्रभावशाली प्रस्तुतियां देना हर किसी के लिए आश्चर्य और गर्व का विषय रहा। अतिथियों ने इस बात की विशेष सराहना की कि स्कूल ने बहुत ही संक्षिप्त अवधि में इन कच्ची प्रतिभाओं को तराश कर उन्हें एक प्रोफेशनल मंच के लिए तैयार कर दिया। यह इस बात का प्रमाण है कि मोदी वर्ल्ड स्कूल में न केवल संसाधनों की प्रधानता है। बल्कि यहां बच्चों के हुनर को पहचानने और उसे निखारने की तीव्र गति और इच्छाशक्ति भी है। इस अवसर पर मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज मोदी, स्कूल डायरेक्टर गरिमा मोदी, झुंझुनू एकेडमी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आशुतोष मोदी, जॉली एंजेल्स डायरेक्टर रानू मोदी, उप प्राचार्या सरोज सिंह, एडमिशन डायरेक्टर श्यामसुंदर शर्मा, हैडमिस्ट्रेस उमा शर्मा, एडमिनिस्ट्रेटर कमलेश कुलहरि, यस को-ऑर्डिनेटर मोहित शाह, शूरवीर डिफेंस हब के मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत सिंह शेखावत, एनडीए प्री फाउंडेशन हैड डीसी मीणा, सैनिक हैड रामस्वरूप झाझड़िया सहित शिक्षकगण उपस्थित थे।