बीमा क्लेम मुद्दे पर किसानों ने आंदोलन तेज करने का किया ऐलान, जिला मुख्यालय पर रेलवे ट्रैक रोकने की तैयारी
चूरू। अखिल भारतीय किसान सभा की जिला कमेटी की बैठक षुक्रवार को जिला अध्यक्ष इंद्राजसिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में 13 मार्च को रेल रोको आंदोलन की तैयारी को लेकर चर्चा की गई। बैठक के बाद बाद प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य निर्मल प्रजापत ने बताया कि खरीफ 2021 का बीमा क्लेम कंपनी और सरकार मिलकर सेटेलाइट से दिया है जो नियम विरूद्ध है लगातार आंदोलन के चलते सरकार ने फैसला पलटा भी है लेकिन फिर उसी सेटेलाइट को आधार मानकर किसानों से क्लेम हड़पना चाहती है। लगातार आंदोलन के बाद किसान अब किसान सभा के नेतृत्व में सरकार और बीमा कंपनी को रेल की पटरी पर लाएंगे ओर फैसला कराएंगे। 13 मार्च को बड़ी संख्या में किसान चूरू जिला मुख्यालय पर पहुंच कर रेलवे ट्रैक पर रेल रोकने का काम करेगें। जिला मंत्री उमराव सिंह ने बताया कि पिछले महीने फरवरी में सभी तहसील मुख्यालयों पर किसान महापंचायत हुई है। किसान महापंचायत में रेल रोको आंदोलन का फैसला कर किसान 13 मार्च की तैयारी में लगे हुए है। जिला संयुक्त सचिव रामकृष्ण छींपा ने बताया कि जिला मुख्यालय पर बीमा क्लेम को लेकर चार महीनों तक लम्बा आंदोलन चला। इस बार रेल रोको आंदोलन एक निर्णायक और ऐतिहासिक आंदोलन होगा जिसकी सभी तहसील कमेटिया तैयारियों में लगी हुई है 13 मार्च को रेल नहीं चलने देंगे और खरीफ 2022 ओर 2023 का क्लेम सरकार से निकलवाएंगे। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष चिमनाराम पांडर, जिला संयुक्त मंत्री रामनारायण रुलानिया, गौरीशंकर सिद्धमुख, जिला उपाध्यक्ष मदन जाखड़, दीपाराम प्रजापत, सावरमल मेघवाल, कुरड़ाराम दामिवाल, सोनू जिलोवा, भादर भांभू, रामनिवास लाम्बा, हाकम सिंह, काशीराम सारण, रामदेव भाकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकारणी सदस्य मौजूद रहे।













