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नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने की तैयारी, जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग और एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

झुंझुनूं में नकॉर्ड की जिला स्तरीय बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग और एसपी कावेन्द्र सिंह सागर नशे की तस्करी रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हुए

नकॉर्ड की जिला स्तरीय बैठक में नशे की तस्करी, अवैध बिक्री और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश , स्कूलों के आसपास निगरानी और युवाओं को नशे से बचाने पर विशेष जोर

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने निगरानी बढ़ाने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया है। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर (नकॉर्ड) की जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेंद्र सिंह राजावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन एवं भंडारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को कहा गया कि मादक पदार्थों से जुड़ी अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नशीले पदार्थों की बिक्री एवं वितरण में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में नशे की रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय को महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित अधिकारियों को संयुक्त रूप से प्रयास करने के निर्देश दिए गए। वहीं, पुलिस विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा कर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

बैठक में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मादक पदार्थों की बिक्री पर निगरानी रखने तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने पर विशेष चर्चा हुई। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और नशे से प्रभावित विद्यार्थियों की पहचान कर आवश्यक काउंसलिंग करवाने के निर्देश दिए गए। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने पर बल दिया गया। बैठक में नशे के विरूद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाकर समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता भी जताई गई।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रतिबंधित दवाओं के दुरूपयोग की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। औषधि नियंत्रण विभाग को मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण करने तथा प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखने और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया।

बैठक में पुलिस विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्व विभाग, औषधि नियंत्रण विभाग तथा आबकारी विभाग की भूमिका की समीक्षा की गई। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल अवैध कारोबार पर कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता, उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है। नशे से प्रभावित व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से कार्य करने पर बल दिया गया।

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