महिला थाना में आयोजित पारिवारिक संवाद बैठक में एसपी ने सुनी समस्याएं, समझाइश के बाद दोनों दंपतियों ने साथ रहने पर जताई सहमति
चूरू। परिवार में उपजे विवाद को बातचीत, समझाइश और आपसी संवाद के जरिए सुलझाने की पहल सफल रही। गढ़ स्थित महिला थाना में जिला पुलिस एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पारिवारिक संवाद बैठक में भोपा समाज के दो विवाहित दंपतियों के बीच चल रहे पारिवारिक विवादों को सुलझाने का प्रयास किया गया। दोनों पक्षों की बात सुनने और समझाइश के बाद दंपतियों ने आपसी सहमति से साथ रहने पर सहमति जताई। इसके बाद दोनों दंपतियों को सम्मानित कर एक साथ घर के लिए विदा किया गया।
एसपी ने दंपतियों से किया व्यक्तिगत संवाद
जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने दोनों दंपतियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं और मतभेदों को समझा। उन्होंने पारिवारिक रिश्तों में आपसी सम्मान, विश्वास और धैर्य बनाए रखने की समझाइश दी। अधिकारियों एवं परामर्शदाताओं ने भी दोनों पक्षों को विवाद को आगे नहीं बढ़ाने और परिवार को साथ लेकर चलने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान एसपी ने महिलाओं को कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देते हुए सामाजिक मार्गदर्शन भी दिया।
समय रहते संवाद से विवाद का समाधान संभव
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कृष्णा सामरिया ने बताया कि कई बार परिवारों में छोटी-छोटी बातों को लेकर मतभेद बढ़ जाते हैं और बातचीत बंद होने के कारण विवाद गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते दोनों पक्षों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझना और आपसी सहमति से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
महिला थानाधिकारी कुसुमलता ने बताया कि महिला थाना में शुरू किए गए पारिवारिक संवाद बैठक के इस नवाचार का उद्देश्य केवल विवादों का समाधान करना नहीं, बल्कि परिवारों को टूटने से बचाने और उन्हें बेहतर पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास भी है। बैठक में परिवार के सदस्यों के बीच संवाद, विश्वास और सामंजस्य बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर भी चर्चा
बैठक में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा तथा उन्हें उपलब्ध सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई। महिला अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित योजनाओं और सहायता तंत्र को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने महिलाओं को किसी भी परेशानी की स्थिति में उपलब्ध सहायता लेने और अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखने के लिए प्रेरित किया।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी सरिता आत्रेय, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता अजय शर्मा, महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सुरक्षा सखियां, साथिनें तथा महिला सुरक्षा एवं परामर्श केंद्र के परामर्शदाता मौजूद रहे। सभी ने दंपतियों से संवाद कर पारिवारिक जीवन में आपसी सामंजस्य बनाए रखने की समझाइश दी। महिला थाना की इस पहल में पारिवारिक विवादों के समाधान के साथ महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों एवं युवाओं को नशे से दूर रखने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता जैसे विषयों को भी एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया।












