भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं को अस्पताल ले जाने पर एनएसयूआई का विरोध, मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज, अनिल बुडानिया आमरण अनशन पर बैठे

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चूरू। राजकीय लोहिया महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन गुरुवार को और तेज हो गया। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं को पुलिस द्वारा देर रात अस्पताल ले जाने के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।पीसीसी सचिव मुस्ताक खान ने बताया कि छात्र नेता पुलकित चौधरी और सुरेंद्र बरोड़ पिछले तीन दिनों से कॉलेज के मुख्य द्वार पर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर आमरण भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनका आरोप है कि बुधवार देर रात पुलिस ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए दोनों को धरना स्थल से अस्पताल पहुंचा दिया।एनएसयूआई ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने का प्रयास बताते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान मुस्ताक खान ने कहा कि छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय उन्हें धरना स्थल से हटाना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करते हुए छात्रों से संवाद करना चाहिए।आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए छात्र नेता अनिल बुडानिया गुरुवार से आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।प्रदर्शन में पार्षद अंजनी शर्मा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास सहारण, महेश ढूकिया, आदिल गौरी, अनीश खान, तौफीक खान सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।