तबादलों से नाराज शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, मानवीय आधारों की अनदेखी का लगाया आरोप; स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग
सीकर। राहुल टांक
प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों को लेकर बढ़ते विरोध के बीच बुधवार को शिक्षा नगरी सीकर में राजस्थान टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षकों ने अनोखा प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की सांकेतिक शवयात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विवादित तबादलों को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई।सांकेतिक शवयात्रा मारू स्कूल से शुरू होकर कल्याण सर्किल होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान चार शिक्षकों ने प्रतीकात्मक रूप से शवयात्रा को कंधा दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में महिला शिक्षकों ने सांकेतिक मुखाग्नि दी। इसके बाद शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में जिलेभर से आए सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए।राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के जिलाध्यक्ष विनोद पूनियां ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र और नामांकन अभियान के दौरान हजारों शिक्षकों के तबादले कर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय मानवीय संवेदनाओं के विपरीत तथा बदले की भावना से लिया गया है, जिसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।जिला मंत्री फारूक अली खान ने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया में मानवीय पहलुओं की पूरी तरह अनदेखी की गई है। असाध्य रोगों से पीड़ित, विधवा, दिव्यांग तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे वे मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसे तबादले शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे।शिक्षक नेताओं ने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से बड़ी संख्या में शिक्षक अपने तबादले रुकवाने या संशोधित करवाने के लिए विधायकों और मंत्रियों के आवासों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इससे प्रदेशभर के सरकारी विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और नामांकन अभियान पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलन बिगड़ गया है और हजारों स्कूल केवल तृतीय श्रेणी शिक्षकों के भरोसे संचालित होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।जिलाध्यक्ष विनोद पूनियां ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन कर सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन ने मांग की है कि मानवीय आधारों की अनदेखी कर किए गए सभी तबादलों को तत्काल निरस्त किया जाए तथा सरकार अपने पूर्व वादे के अनुसार शिक्षकों के सभी संवर्गों के लिए स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करे।













