कोतवाली पुलिस के इस्तगासे पर फैसला; कृष्ण कुमार पर 500 और ममता पर 3000 रूपये का अर्थदंड, झूठी शिकायतों पर अभियान रहेगा जारी
झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
झूठे मुकदमे दर्ज कराकर पुलिस और न्याय व्यवस्था का दुरूपयोग करने वालों के खिलाफ झुंझुनूं पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना पुलिस द्वारा किए गए अनुसंधान में दो अलग-अलग प्रकरण झूठे पाए जाने के बाद पुलिस ने न्यायालय में इस्तगासा पेश किया, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दोनों परिवादियों को दोषी ठहराते हुए अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन में, वृताधिकारी झुंझुनूं शहर गोपाल सिंह ढाका के निकट पर्यवेक्षण एवं कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मील के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली थाना के प्रकरण संख्या 579/2023 में परिवादी कृष्ण कुमार पुत्र राधेश्याम, निवासी वार्ड संख्या 54, रानी सती मंदिर के पास, झुंझुनूं तथा प्रकरण संख्या 314/2024 में परिवादिया ममता पुत्री लक्ष्मणराम, निवासी वार्ड संख्या 55, झुंझुनूं के विरुद्ध पुलिस अनुसंधान में शिकायतें झूठी पाए जाने पर न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने कृष्ण कुमार को 500 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं ममता को दोषसिद्ध घोषित करते हुए भविष्य में इस प्रकार का अपराध दोबारा नहीं करने की हिदायत के साथ 3000 रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने कहा कि कई बार व्यक्तिगत रंजिश, दबाव बनाने या किसी व्यक्ति को परेशान करने की नीयत से झूठी शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। इससे पुलिस के समय और संसाधनों का अनावश्यक दुरुपयोग होता है तथा वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। कानून का दुरुपयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना तथा वास्तविक पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।










