लालपुर में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, पैमाइश शुरू होते ही भड़का विरोध; सुरक्षा कारणों से स्थगित हुई कार्रवाई
झुंझुनूं।अजीत जांगिड़
जिले के लालपुर गांव में जमीन के सीमाज्ञान (पैमाइश) की कार्रवाई उस समय विवादों में घिर गई, जब राजस्व विभाग की टीम के मौके पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। इसी दौरान विरोध कर रही एक महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को सीमाज्ञान की कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी और राजस्व विभाग की टीम पुलिस जाब्ते के साथ बिना कार्रवाई पूरी किए वापस लौट गई। जानकारी के अनुसार लालपुर गांव में एक भूमि की सीमा निर्धारित करने के लिए तहसीलदार महेंद्र मूंड के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। जैसे ही टीम ने सीमाज्ञान की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की, दूसरे पक्ष के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्रित हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
दो भाइयों की पैतृक जमीन से जुड़ा है पूरा विवाद
तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि मामला दो भाइयों की पैतृक भूमि से संबंधित है। वर्षों पहले दोनों भाइयों के बीच आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा और खाता विभाजन हो चुका था। इसके बाद एक भाई ने अपने हिस्से की जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी। समय के साथ उक्त भूमि का कई बार क्रय-विक्रय हुआ और वर्तमान में जमीन के नए मालिक ने अपनी भूमि की वास्तविक सीमा निर्धारित कराने के लिए प्रशासन के समक्ष सीमाज्ञान का आवेदन प्रस्तुत किया था।.प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जब राजस्व विभाग की टीम सीमाज्ञान करने पहुंची, तो दूसरे पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते विवाद गहरा गया।
बहस के बीच बिगड़ी महिला की तबीयत, मचा हड़कंप
कार्रवाई के विरोध के दौरान ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस होने लगी। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार माहौल लगातार तनावपूर्ण होता गया। इसी बीच विरोध कर रही एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। महिला के गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन व ग्रामीण उसकी सहायता के लिए दौड़ पड़े।.महिला के बेहोश होने के बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई पूरी तरह प्रभावित हो गई और मौके पर मौजूद अधिकारी स्थिति को संभालने में जुट गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस पर मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी हुई। वहीं मौके पर बने वीडियो में पुलिसकर्मी ग्रामीणों से बहस करते दिखाई दे रहे हैं तथा बेहोश हुई महिला को अस्पताल ले जाने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि पुलिस की ओर से मारपीट के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
भीड़ अधिक, पुलिस बल कम; इसलिए रोकी गई कार्रवाई
तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि विरोध कर रहे लोगों की संख्या अपेक्षा से अधिक थी, जबकि मौके पर मौजूद पुलिस बल सीमित था। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सीमाज्ञान की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।










