दुबई में निधन के 23 दिन बाद घर लौटा विक्रम स्वामी का पार्थिव देह

11 महीने पहले रोज़गार के लिए गए थे दुबई, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

चिड़ावा। झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शहर की सुथरान बस्ती, वार्ड नंबर 24 निवासी विक्रम स्वामी (27) का पार्थिव शरीर 23 दिन के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद शव को उनके पैतृक निवास लाया गया, जहां दोपहर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। शव के घर पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हो गए।

11 महीने पहले रोज़गार के लिए गए थे दुबई

दीवान स्वामी के पुत्र विक्रम स्वामी करीब 11 महीने पहले बेहतर रोजगार की तलाश में दुबई गए थे, जहां वे अरेबियन कंस्ट्रक्शन कंपनी ( एसीसी ) में कार्यरत थे। 5 मई को उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर दुबई प्रशासन की औपचारिक कानूनी प्रक्रिया में अटक गया। आवश्यक दस्तावेजी कार्यवाही और औपचारिकताओं के चलते शव को भारत लाने में करीब 23 दिन का समय लग गया।।

शव वापसी में स्थानीय नेता ने निभाई भूमिका

परिजनों के अनुसार शव को भारत लाने की प्रक्रिया में भाजपा नेता सुरेश भूकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया गया कि जब परिवार विक्रम के पार्थिव शरीर की वापसी को लेकर परेशान था, उस समय सुरेश भूकर निजी यात्रा पर दुबई में मौजूद थे। उन्होंने परिवार से वीडियो कॉल पर बातचीत कर मामले की जानकारी ली और तुरंत एसीसी कंपनी के अधिकारियों एवं दुबई पुलिस से संपर्क साधा। उनके प्रयासों के बाद सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी कर शव को भारत भेजा जा सका।

परिजनों ने जताया मौत पर संदेह

मृतक के दादा रणजीत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 5 मई को कंपनी की ओर से पहले गुमराह किया गया और कई दिनों तक सही जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि चिड़ावा के ही कुछ लोगों से जानकारी मिलने पर मौत की पुष्टि हुई। कंपनी ने मृत्यु का कारण “हार्ट अटैक” बताया है, लेकिन परिजनों का कहना है कि शव पर कान और आंख के पास चोट के निशान दिखाई दिए हैं, जिससे मौत को लेकर संदेह गहरा गया है। विक्रम स्वामी अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनका बड़ा बेटा कक्षा प्रथम में अध्ययनरत है। वे अपने माता-पिता के दो पुत्रों में छोटे थे। जैसे ही पार्थिव शरीर घर पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को ढांढस बंधाया। पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त है और हर आंख नम नजर आई।