एबीवीपी के पूर्व नगर मंत्री के हत्याकांड में दो आरोपियों को उम्रकैद

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डाबला गांव में नवंबर 2024 में हुई थी एबीवीपी नेता की हत्या, 21 गवाहों और 46 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट का फैसला

चूरू। निकटवर्ती डाबला गांव में नवंबर 2024 में एबीवीपी के पूर्व नगर मंत्री नरेंद्र प्रजापत की हत्या के मामले में चूरू की जिला एवं सेशन कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने 21 गवाहों के बयान व 46 दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर गांव बूंटीया के आरोपी अमित उर्फ मितला और हितेश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए अपना फैसला सुनाया। एडवोकेट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 1 नवंबर 2024 की रात सदर थाना क्षेत्र के डाबला गांव के पास नरेंद्र प्रजापत की लाठी-सरियों से पीटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की वजह पुराना विवाद और गाड़ी किराये को लेकर हुआ झगड़ा बताया गया। घटना से पहले नरेंद्र ने अपने परिजनों को बताया था कि अमित उर्फ मितला और उसके साथियों से उसका विवाद हुआ था तथा उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। रात करीब 11:30 बजे नरेंद्र अपने साथी अमजद के साथ बाइक पर चूरू लौट रहा था। इसी दौरान काले रंग की थार में सवार आरोपी रास्ता रोककर नीचे उतरे और डंडों व सरियों से हमला कर दिया। गंभीर घायल नरेंद्र को राजकीय भरतिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। 2 नवम्बर को सदर थाना में अमित उर्फ मितला, हितेश प्रजापत और शुभम ढाका के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था। हत्या के बाद मुख्य आरोपी अमित उर्फ मितला फरार हो गया था। सदर थाना पुलिस ने उसे बाद में मुंबई से गिरफ्तार किया था। आरोपी अमित उर्फ मितला पर एसपी द्वारा 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार अमित उर्फ मितला पर विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं तथा वह जयपुर में डेढ़ करोड़ की चोरी के मामले में भी आरोपी रह चुका है। इस मामले में तीसरा आरोपी शुभम ढाका अभी भी फरार चल रहा है।