तोड़फोड़ मामले में एफआईआर के विरोध में कलेक्ट्रेट पर गरजे पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर लगाए गंभीर आरोप
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
दरगाह हांडी शाह परिसर में कथित तोड़फोड़ और अवैध प्रवेश के मामले में दर्ज एफआईआर के विरोध में सोमवार को झुंझुनूं शहर का माहौल राजनीतिक और सामाजिक रूप से गर्माया रहा। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा के नेतृत्व में मुस्लिम समाज और समर्थकों ने शिक्षक भवन से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान गुढ़ा ने प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों पर जमकर निशाना साधा तथा खुली चुनौती देते हुए कहा— “राजेंद्र गुढ़ा यहीं खड़ा है, हिम्मत है तो गिरफ्तार करो।” कलेक्ट्रेट के बाहर आयोजित सभा में पूर्व मंत्री गुढ़ा ने कहा कि उनके खिलाफ मुकदमे कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं पिछले 40 वर्षों से मुकदमे झेल रहा हूं। ये मुकदमे मेरे स्टार हैं। 15 साल की उम्र में पहली बार बाल सुधार गृह गया था। जब तक सांस चलेगी, गरीबों की लड़ाई लड़ता रहूंगा और लोग मुकदमे लगाते रहेंगे।”
4 फरवरी को हटाया गया था अतिक्रमण
गौरतलब है कि प्रशासन ने 4 फरवरी 2026 को दरगाह हांडी शाह की वक्फ भूमि पर अवैध अतिक्रमण बताते हुए कई दुकानों और निर्माणों को हटाया था। इसके बाद 8 मई को दरगाह परिसर में कथित तोड़फोड़ और अवैध प्रवेश के आरोप में पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा समेत 14 नामजद व्यक्तियों के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 8 मई की शाम गुढ़ा के नेतृत्व में कुछ लोग हाथों में कस्सी, फावड़े और अन्य सामान लेकर दरगाह परिसर में पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की। दरगाह के सेवक मोहम्मद शरीफ की रिपोर्ट पर पुलिस ने मोहम्मद अली, आबिद, आयुब, लियाकत रंगरेज, यूनुस उर्फ मुंशी, साजिद, सलीम, फरियाद और राजेंद्र सिंह गुढ़ा सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।
“भू-माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए गरीबों को उजाड़ा”
सभा को संबोधित करते हुए गुढ़ा ने आरोप लगाया कि बेशकीमती जमीन पर भू-माफिया की नजर है और गरीबों को योजनाबद्ध तरीके से उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, “एक अरबपति को खरबपति बनाने के लिए गरीबों के आशियाने तोड़े जा रहे हैं। शहर के बीचों-बीच रास्ता देने का गंदा खेल खेला जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज के लोगों को परेशान किया जा रहा है तथा कोतवाली थाने को “यातना केंद्र” बना दिया गया है। गुढ़ा ने दावा किया कि कुछ मामलों में पुलिस अधिकारियों द्वारा करोड़ों रूपए के भ्रष्टाचार के सबूत उनके पास मौजूद हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर तीखे हमले
अपने संबोधन में गुढ़ा ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “अगर कोई ईमानदार है तो हाथ उठाकर बताए। मैंने कभी किसी का पैसा नहीं खाया। गरीबों की हाय भ्रष्टाचारियों का सत्यानाश करेगी।” सभा के दौरान मौजूद लोगों ने उनके वक्तव्य पर “आमीन” कहकर समर्थन जताया। गुढ़ा ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तक पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। साथ ही उन्होंने स्थानीय विधायक राजेंद्र भाम्बू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों से वसूली की जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा— “नोट इकट्ठा मत करो, वोट इकट्ठा करो।” वहीं, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष खानु खान पर भी गरीबों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया गया।
भारी पुलिस बंदोबस्त, प्रशासन अलर्ट
प्रदर्शन और रैली को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तथा शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग, समर्थक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मामले को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है तथा आगामी दिनों में इस प्रकरण के और अधिक तूल पकड़ने की संभावना जताई जा रही है।










