पूर्व सैनिक शंकर सिंह के इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड गठित, मानसिक विकलांगता व पेंशन सहायता की भी पहल
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
कारगिल युद्ध में देश की रक्षा कर वीरता का परिचय देने वाले सूरजगढ़ क्षेत्र के बलौदा गांव निवासी पूर्व सैनिक शंकर सिंह पुत्र समुन्दर सिंह की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 108 एम्बुलेंस की सहायता से बीडीके अस्पताल झुंझुनूं लाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत उपचार शुरू किया। बताया गया कि पूर्व सैनिक की हालत को देखते हुए पीएमओं डॉ. जितेंद्र भांबू ने पहले से ही मेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा था। अस्पताल पहुंचते ही वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कपूर थालौर ने मरीज की विस्तृत हिस्ट्री लेकर गहन परीक्षण किया तथा आवश्यक जांचों के लिए सैंपल भेजे गए। साथ ही तत्काल प्रभाव से उपचार प्रारंभ कर दिया गया। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. सी.एल. गुर्जर ने भी मरीज की स्थिति की पूरी जानकारी ली और चिकित्सकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड का गठन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यह बोर्ड पूर्व सैनिक को पेंशन, मानसिक विकलांगता प्रमाणन तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सूत्रों के अनुसार कारगिल युद्ध में देश की सेवा कर चुके इस वीर सैनिक की वर्तमान स्थिति को लेकर प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कपूर थालौर एवं उनकी टीम लगातार मरीज की निगरानी कर उपचार में जुटी हुई है। वहीं पूर्व सैनिक के प्रति चिकित्सा विभाग की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई को लेकर क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि देश की रक्षा करने वाले वीर जवानों के सम्मान और बेहतर उपचार के लिए इस प्रकार की मानवीय पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
वहीं पूर्व सैनिक शंकर सिंह की पत्नी कमोद सिंह ने प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग का आभार जताया है ।










