झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले में 24 घंटे तक नॉन स्टॉप चली वन्य जीवों की गणना शनिवार शाम पांच बजे पूरी हुई। इसके बाद झुंझुनूं जिले में तय किए गए सभी 69 पॉइंट्स की रिपोर्ट को इकट्ठा कर रविवार शाम तक मुख्यालय पर भिजवाया जाएगा। ताकि सभी रिपोर्ट के आंकड़ों को एकत्रित कर वन्य जीवों की स्थिति का पता लगाया जा सके। झुंझुनूं जिला मुख्यालय के बीड़ में भी वन्य जीवों की गणना के लिए कर्मचारी लगे रहे। वनकर्मी शेरसिंह कस्वां तथा राजेश कुमार ने बताया कि पेड़ों पर मचान बनाकर वन्य जीवों की गणना रातभर जागकर की गई है। बीड़ में पहले कभी वन्य जीव हायना नहीं हुआ करता था। लेकिन अब काफी हायने दिखाई दिए है। इसके अलावा हिरणों की संख्या में बढोतरी हुई है। बीड़ में हिरण, चिंकारा, ब्लेक बक, तितर, खरगोश, नीलगाय, बतख के साथ—साथ लोमड़ी भी दिखी है। इधर, बैशाख पूर्णिमा के मौके पर उदयपुरवाटी के बागोरा शीतला जोहड़ में वन्य जीवों की गणना सहायक वनपाल कमलेश व वन रक्षक सुलोचना गुर्जर लगी रही। आपको बता दें कि 1 मई शुक्रवार शाम पांच बजे से शुरू हुई वन्य जीवों की गणना शनिवार शाम 2 मई को पांच बजे तक हुई। वन विभाग ने वन्य जीवों की गणना के लिए जिले में कुल 69 पॉइंट्स तय किए थे। जहां 143 कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इन कर्मचारियों को दो दर्जन से अधिक वन्य जीवों की गणना की। खेतड़ी और उदयपुरवाटी क्षेत्र में पैंथर की संभावित मौजूदगी को देखते हुए ट्रैप कैमरों के जरिए विशेष निगरानी करके गणना की गई। जिले की तीन वन रेंज में कुल 43 ट्रैप कैमरे लगाए गए थे। जिनमें भी वन्यजीवों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर चांदनी रात में वन्यजीव पानी पीने के लिए जल स्रोतों पर आते हैं। इसी दौरान वाटर होल पद्धति से उनकी गणना की जाती है। यह पारंपरिक और प्रभावी तरीका माना जाता है, जिससे वन्यजीवों की वास्तविक संख्या का आकलन संभव होता है।













