नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, 90 हजार का जुर्माना

झुंझुनूं की पॉक्सो अदालत का कड़ा फैसला, अपहरण कर जयपुर-गोवा ले जाकर किया अपराध

झुंझुनूं I झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में झुंझुनूं की विशिष्ट न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी  को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में अधिकतम 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 90 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। मामले के अनुसार, आरोपी ने सुनियोजित तरीके से नाबालिग पीड़िता को फोन कर घर से बाहर बुलाया। इसके बाद अपने एक साथी की मदद से उसका मुंह बंद कर जबरन बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने घर ले गया। वहां उसने पीड़िता को दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे वह बेसुध हो गई। होश में आने के बाद आरोपी ने पीड़िता को उसकी इच्छा के विरुद्ध अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बंधक बनाकर रखा। पीड़िता के बयानों के अनुसार, आरोपी उसे नवलगढ़, जयपुर, गोवा और जगदलपुर तक ले गया, जहां उसने उसके साथ बार-बार जबरदस्ती दुष्कर्म किया। आरोपी लगातार उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर भयभीत करता रहा। मामले की सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह भाम्बू ने राज्य सरकार की ओर से मजबूत पैरवी करते हुए 14 गवाहों और 35 दस्तावेजी साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।न्यायालय के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि ऐसे जघन्य अपराधों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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