सामूहिक मंत्रोच्चारण व वैदिक अनुष्ठानों के साथ सम्पन्न हुआ ऋषिपूजन, जनेऊ संस्कार एवं रक्षा-सूत्र बंधन, द्विजजनों और विद्वानों ने निभाई परंपरा
चूरू। सेठ जयदयाल गोयनका द्वारा स्थापित, स्वामी रामसुखदास महाराज द्वारा सिंचित, गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा संचालित केंद्रीय संस्कृत विष्वविद्यालय दिल्ली द्वारा संबद्धता प्राप्त स्थानीय ऋषिकुलब्रह्मचर्याश्रम महाविद्यालय, चूरू में शनिवार को श्रावण मास की पूर्णिमा पर श्रावणीक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आश्रम के आचार्यों, कर्मचारियों, ब्रह्मचारियों, अभिभावकों, चूरू सहित आस-पास के कई विद्वान जनों द्वारा श्रावणी उपाक्रम, ऋषिपूजन, जनेऊ पूजन व रक्षा-सूत्र बंधन का कार्य सामूहिक मंत्रोच्चारण के साथ उत्साह पूर्वक सम्पन्न हुआ। इस दौरान समस्त द्विजजनों ने ब्रह्मचारियों के साथ सामूहिक दशविधस्नान, तर्पण, ब्रह्म यज्ञ, सूर्याेपस्थान आदि क्रियाएं व सप्त ऋषियों का पूजन, जनेऊ पूजन विधिवत् पूजा-अर्चना से आचार्य महेश कुमार गौड़ ने कराया। इस अवसर पर विप्र बंधुओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। आश्रम के प्रबंधक ईश्वर सिंह राठौड़ ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।