कार्यस्थल पर तनाव की पहचान, प्रबंधन और सकारात्मक जीवनशैली के बताए उपाय

हनुमानगढ़। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा हनुमानगढ़ एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य माह के तहत तनाव प्रबंधन एवं आत्महत्या रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष एवं जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव के निर्देशन में चल रही गतिविधियों के तहत मंगलवार को महिला थाना परिसर में कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
रेडक्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य माह के तहत जिले में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी श्रृंखला में महिला थाना परिसर में आयोजित सत्र के दौरान मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग की सहायक आचार्य डॉ. स्नेहलता एवं हॉस्पिटल मैनेजर सुनील शर्मा ने उपस्थित पुलिस कार्मिकों को कार्यस्थल पर होने वाले तनाव की पहचान और उसके प्रभावी प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार तनाव व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में तनाव के शुरुआती संकेतों को पहचानना जरूरी है। उन्होंने सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, कार्य के दौरान संतुलन बनाए रखने तथा आपसी संवाद को बेहतर करने पर जोर दिया। सत्र में टीम वर्क, आपसी सहयोग और कार्य विभाजन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कार्यस्थल पर सहयोगात्मक वातावरण रहने से तनाव को कम करने में मदद मिलती है और कार्यक्षमता में भी सुधार होता है।कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव रामनिवास मांडण ने भी विचार व्यक्त करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना जरूरी है।
सत्र में महिला थानाधिकारी श्रीमती चंद्रकला, सीएमएचओ कार्यालय से डीपीओ अंजू बाला, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमारी, तंबाकू प्रकोष्ठ से त्रिलोकेश्वर शर्मा सहित महिला थाना के समस्त कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्मिकों ने तनाव प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने तथा तनाव एवं आत्महत्या की रोकथाम के लिए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही।














