जाबासर में एनआरडीडी हॉस्पिटल का विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगा , 320 मरीजों को मिला आयुर्वेद एवं होम्योपैथी उपचार

मधुमेह, रक्तचाप सहित विभिन्न रोगों की जांच और दवा वितरण, पंचकर्म थेरेपी ने भी आकर्षित किया ग्रामीणों का ध्यान

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
एनआरडीडी हॉस्पिटल, मलसीसर रोड झुंझुनूं द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन भारत सरकार एवं आयुष विभाग राजस्थान के सहयोग से जाबासर गांव में नि:शुल्क आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस शिविर को लोगों का भरपूर समर्थन मिला तथा बड़ी संख्या में मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर का शुभारंभ जाबासर के वरिष्ठ नागरिक मनवर खां ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर लियाकत खां, रियाज खां, अकबर अली खां, अलमगीर खां सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिविर में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत 158 तथा होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत 162 मरीजों का परीक्षण किया गया। इस प्रकार कुल 320 मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श देकर आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। इसके अलावा मधुमेह, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन सहित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांचें भी नि:शुल्क की गईं। शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करना तथा वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति विश्वास बढ़ाना रहा। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि आयुर्वेद एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से अस्थमा, जोड़ों का दर्द, मधुमेह, माइग्रेन, गठिया, अर्श, रक्ताल्पता (खून की कमी), चर्म रोग, एसिडिटी, कब्ज एवं उच्च रक्तचाप जैसी अनेक बीमारियों का प्रभावी उपचार संभव है। यह चिकित्सा पद्धति प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, योग और संतुलित जीवनशैली पर आधारित होने के कारण लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। शिविर के दौरान पंचकर्म थेरेपिस्ट परिजिथ के.के. एवं उनकी टीम ने पंचकर्म चिकित्सा के अंतर्गत अग्निकर्म थेरेपी का प्रदर्शन कर लोगों को इसके लाभों की जानकारी दी गई तथा जरूरतमंद मरीजों को उपचार भी प्रदान किया। उन्होंने बताया कि एनआरडीडी हॉस्पिटल, झुंझुनूं में पंचकर्म से संबंधित विभिन्न आधुनिक एवं प्रभावी उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। शिविर में होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. कमलेश सैनी, डॉ. पूनम चलका एवं डॉ. सबीना खान तथा आयुर्वेदिक फिजिशियन डॉ. अखिला मेनोन, डॉ. मुकेश सुथार, डॉ. रूचिका एवं डॉ. हिमांशी ने मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं। वहीं राजेश माण्डिया, तेजस, मनीषा, गरिमा, मानसी, ऋषिता, पंकज कुमारी, अंकित सहित नर्सिंग स्टाफ तथा जुनेद खान एवं समीर ने लैब एवं अन्य व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर गांवों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर में आए लोगों ने निःशुल्क चिकित्सा, स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का भरपूर लाभ उठाया। इस अवसर पर संस्थान अध्यक्ष डॉ. सुनीता ढूकिया ने कहा कि एनआरडीडी हॉस्पिटल का उद्देश्य आमजन तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी अस्पताल द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ऐसे निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीज लाभान्वित हो सकें और समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।