सहकारिता बनेगी ग्रामीण विकास की नई धुरी, हर पंचायत तक पहुंचेंगी डिजिटल सेवाएं और जनकल्याण योजनाएं

डीसीडीसी बैठक में जिला कलक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने दिए निर्देश, गोदाम निर्माण, ई-मित्र, जन-औषधि केंद्र और मिलेट्स कैफे विस्तार पर जोर

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ. अरूण गर्ग की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित इस बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुविधाओं के विस्तार को लेकर व्यापक मंथन किया गया। बैठक में जिला कलक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके पूर्ण कंप्यूटरीकरण पर बल देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता संस्थाएं ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला हैं और इन्हें तकनीक से जोड़कर अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर डेयरी एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन, विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत क्रय-विक्रय सहकारी समितियों एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों को गोदाम निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाने, तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ई-सेवाओं के विस्तार के लिए सहकारी समितियों में ई-मित्र सेवाएं प्रारंभ करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही ग्रामीण अंचलों में गुणवत्तापूर्ण और सस्ती दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जन-औषधि केंद्रों के संचालन, कृषि विभाग के समन्वय से भारत ऑर्गेनिक ब्रांड के उत्पादों को सहकारी समितियों के आउटलेट्स पर उपलब्ध कराने तथा किसानों और उपभोक्ताओं को जैविक उत्पादों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की स्वस्थ एवं पोषणयुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए मिलेट्स (श्रीअन्न) के प्रचार-प्रसार और अधिकाधिक मिलेट्स कैफे एवं आउटलेट्स स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आमजन में श्रीअन्न के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां विभा खेतान ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करते हुए विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति से अवगत कराया। बैठक में उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां विभा खेतान, अतिरिक्त जिला कलक्टर अजय आर्य , जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी परशुराम धानका, संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. शिवकुमार सैनी, नाबार्ड के महाप्रबंधक सौरव नागपाल, जिला रसद अधिकारी निकिता राठौड़, जिला पर्यटन अधिकारी देवेंद्र कुमार, उप निदेशक महिला अधिकारिता विप्लव न्यौला, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनिवास, केंद्रीय सहकारी बैंक की अधिशाषी अधिकारी सुमन चाहर तथा सीकर-झुंझुनूं दुग्ध उत्पादन संघ की सहायक प्रबंधक मधुमालती शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सहकारिता के माध्यम से गांवों में विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी

बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सहकारी संस्थाओं को केवल वित्तीय गतिविधियों तक सीमित न रखकर उन्हें ग्रामीण विकास, डिजिटल सेवाओं, कृषि विपणन, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनाया जाएगा। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने के साथ आमजन को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।