34 साल बाद ककराना के कार सेवक गोविंदराम ने अयोध्या में श्रीराम घाट पर करवाया मुंडन

दो मई 1992 को ली थी प्रतिज्ञा श्री राम मंदिर बनने तक बाल नहीं कटवाएंगे

गुढ़ागौड़जी । झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
उदयपुरवाटी उपखंड के ककराना गांव के राष्ट्रीय समस्याओं के संघ के गोविंद राम कुमावत ने 34 साल की प्रतिज्ञा पूरी करते हुए अयोध्या में सरयू नदी के श्री रामघाट पर सर के बाल दाढ़ी मूछ का मुंडन करवाया। कुमावत ने दो मई 1992 को संकल्प—प्रतिज्ञा ली थी कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण होने तक बाल नहीं कटवाएंगे। गोविंदराम अयोध्या से गुरुवार को गांव आने पर गांव के प्राचीन भगवान लक्ष्मण मंदिर में अभिनंदन किया गया। सुरेश मीणा किशोरपुरा व शीशराम खटाना के नेतृत्व में ग्रामीणों ने साफा व माला पहनाकर तथा दुपट्टा ओढ़ा कर सम्मान किया। कुमावत कर सेवक के रूप में अपने राजस्थानी लोगों के साथ अयोध्या पहुंचे थे। बाबरी मस्जिद के ढांचे के मलबे में दब गए थे। गोविंदराम-तत्कालीन मुलायमसिंह सरकार में पुलिस लाठीचार्ज में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक आंख की रोशनी भी चली गई। जब दूसरी बार 1992 में हजारों लोगों के साथ वह बाबरी मस्जिद के ध्वस्त ढांचे के मलबे में दब गए। जख्मी हालत में उन्हें फैजाबाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब शरीर पर आई चोटों से वे पूरी तरह कमजोर हो गए। भर्ती के दौरान फैजाबाद अस्पताल में उनसे मिलने गए, मुरलीमनोहर जोशी, भैरवसिंह शेखावत, साध्वी ऋतंभरा, आचार्य धर्मेंद्र सहित कई नेता पहुंचे। गोविंद राम का जीवन यापन ककराना गांव में दो जर्जर मकानों में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जीवन यापन में बड़ी मुश्किल से हो रहा है। कुमावत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की है मुझे रहने के लिए मकानों की जरूरत है। ना खाने के लिए है ना पीने के लिए है। मैं गरीबी से जूझ रहा हूं। मैं संकट की घड़ी में जीवन यापन करना दुर्लभ हो रहा है। अब मुझे सहारा दो। मेरी सहायता करो मेरी रक्षा करो।