झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
भीषण गर्मी के इस दौर में आमजन को राहत देने के उद्देश्य से लॉयंस क्लब झुंझुनूं और श्री श्याम आशीर्वाद सेवा संस्था द्वारा चलाए जा रहे शीतल जल सेवा अभियान के तहत एक और सराहनीय कदम उठाया गया है। बुधवार को कोर्ट परिसर स्थित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग परिसर में भव्य शीतल जल मंदिर (वॉटर कूलर युक्त प्याऊ) का शिलान्यास संपन्न हुआ। इस पुनीत कार्य की नींव तब पड़ी जब डॉ. डीएन तुलस्यान और नरेंद्र व्यास ने आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील से वॉटर कूलर लगाने हेतु संपर्क किया। अध्यक्ष मील ने अस्थायी व्यवस्था के बजाय परिसर में एक स्थायी पक्की प्याऊ बनवाने की इच्छा जताई। उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए झुंझुनूं मूल के सूरत प्रवासी बंका परिवार ने इस जल मंदिर के निर्माण का पूरा उत्तरदायित्व अपने कंधों पर लिया है। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील और संस्था के ट्रस्टी डॉ. डीएन तुलस्यान मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आयोग के कर्मचारी, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। जिनमें सहायक प्रशासनिक अधिकारी भीमसिंह राजपुरोहित, रीडर महावीर सिंह मीणा, अमित कुमार, एजाज नबी, आदिल फारूक शामिल थे। शिक्षा विभाग से भंवरलाल, एडवोकेट अजय स्वामी, सुमित, अमजद अली, संजीव सिंह, ऋतु चौधरी, सुमन, नेहा और पूजा थे। इस मौके पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। लॉयंस क्लब और श्री श्याम आशीर्वाद सेवा संस्था का यह अभियान समाज के लिए अनुकरणीय है। हाल ही में मेरे पैतृक गांव हसनसर के सरकारी स्कूल में भी इन संस्थाओं ने वॉटर कूलर लगवाकर सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इस शीतल जल मंदिर के बन जाने से न केवल कोर्ट में आने वाले परिवादियों को, अपितु एडवोकेट एवं साथ ही परिसर समीप शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी शीतल जल उपलब्ध हो सकेगा।
अभियान का लक्ष्य, 20 वॉटर कूलर पूरा होने के निकट
ज्ञात हो कि दोनों संस्थाओ के संयुक्त तत्वावधान में शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर 20 वॉटर कूलर लगाने का लक्ष्य पूरा होने के निकट है और इसकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। पिछले वर्ष भी इसी प्रकार कई स्थायी जल मंदिरों का निर्माण करवाया गया था। इस वर्ष भी भामाशाहों के सहयोग से यह कारवां निरंतर आगे बढ़ रहा है।










