रिक्त पद कम जारी करने पर नव पदोन्नत व्याख्याताओं में आक्रोश, डीपीसी नियमों के अनुसार पद खोलने की मांग
जयपुर। राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) के प्रदेशाध्यक्ष हरलाल गढ़वाल के नेतृत्व में नव पदोन्नत व्याख्याताओं की काउंसलिंग प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा निदेशक, शिक्षा सचिव एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संघ पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री के विशिष्ट सचिव को ज्ञापन देकर व्याख्याता काउंसलिंग कार्यक्रम को तुरंत प्रभाव से स्थगित करने की मांग की।रेस्टा के प्रदेश महामंत्री सुरेश बिश्नोई ने बताया कि विभाग द्वारा काउंसलिंग के लिए जारी रिक्त पदों की संख्या बहुत कम रखी गई है, जिससे नव पदोन्नत व्याख्याताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने मांग की कि सभी जिलों के रिक्त पद खोले जाएं ताकि व्याख्याताओं को नजदीक पदस्थापन मिल सके।ज्ञापन में प्रमुख मांगों में वाइस प्रिंसिपलों को व्याख्याता पदों से अधिशेष मानते हुए उनके पदों को काउंसलिंग में शामिल करना, विभिन्न विषयों में नव पदोन्नत व्याख्याताओं के कुल पदों का 120 प्रतिशत रिक्त पद खोलना तथा भौतिक विज्ञान विषय में रिक्त पदों को शामिल करना शामिल है।संघ ने आरोप लगाया कि इतिहास, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, हिंदी और राजनीतिक विज्ञान जैसे विषयों में 120 प्रतिशत के अनुसार पद नहीं खोले गए हैं। वहीं भौतिक विज्ञान विषय में गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू और झुंझुनूं जिलों के एक भी पद नहीं खोले गए, जबकि शाला दर्पण पर बड़ी संख्या में पद रिक्त दर्शाए गए हैं।संघ ने चेतावनी दी कि यदि डीपीसी नियमों को ध्यान में रखकर काउंसलिंग नहीं की गई तो प्रदेशभर के नव पदोन्नत व्याख्याता रेस्टा के बैनर तले आक्रोश प्रदर्शन करेंगे।इस अवसर पर बडी संख्या में राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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