हाईकोर्ट के आदेश पर 80 फीट चौड़ी होगी स्टेट हाईवे-37, प्रशासन ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम; व्यापारियों ने कहा— “पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई”
गुढ़ागौड़जी। झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
गुढ़ागौड़जी कस्बे में मंगलवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब स्टेट हाईवे-37 पर प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने पूरा बाजार बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्य बाजार में सैकड़ों व्यापारी एकत्रित हुए, धरने पर बैठे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई रोकने की मांग उठाई। व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। दरअसल, प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश की पालना में स्टेट हाईवे-37 को 80 फीट चौड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सड़क के दोनों ओर से 25-25 फीट अतिरिक्त भूमि खाली कराने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी और खर्च भी संबंधित लोगों से वसूला जाएगा।
रोजगार उजड़ जाएगा, पहले विकल्प दो
धरना स्थल पर व्यापारियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थापित दुकानों और व्यवसायों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हटाना हजारों परिवारों की आजीविका पर सीधा हमला है। व्यापारी प्रतिनिधि प्रदीप कुमावत ने कहा कि अचानक की जा रही इस कार्रवाई से छोटे व्यापारियों का रोजगार पूरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने मांग रखी कि प्रशासन पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए, उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।दूसरी ओर प्रशासन का रुख पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है और इसमें किसी भी प्रकार की नरमी संभव नहीं है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होते ही व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी, जिसमें सरकारी निर्माण भी दायरे में आ सकते हैं। बाजार बंद और प्रदर्शन के चलते कस्बे में दिनभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि प्रशासन ने हालात नियंत्रण में होने का दावा किया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क रहा। स्टेट हाईवे-37 क्षेत्र की प्रमुख सड़क मानी जाती है और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इसे चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। लेकिन सड़क चौड़ीकरण की इस मुहिम ने अब व्यापारियों और प्रशासन को आमने-सामने ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।


















