जीर्णोद्धार के बाद मंदिर को मिला भव्य स्वरूप
खेतड़ी । झुन्झुनू । अजीत जांगिड़
खेतड़ी उपखंड के बबाई गांव के नृसिंह मंदिर में धर्म ध्वजा चढ़ाने व कलश स्थापना के साथ भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। इस दौरान श्री लक्ष्मी नृसिंह भगवान की मूर्ति के साथ मां भगवती जीण माता, राधा-कृष्ण और भगवान गणेश की प्रतिमाएं विधिवत विराजित की गईं। प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व सभी मूर्तियों का नगर भ्रमण कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।कार्यक्रम के मुख्य यजमान विनोद कुमार गुप्ता व प्रेमलता गुप्ता तथा ओमप्रकाश पंच व सीता देवी रहे। परिवारजनों सहित सभी ने श्रद्धा के साथ अनुष्ठान में भाग लिया। मंदिर का यह तीसरी बार जीर्णोद्धार बताया जा रहा है। प्राचीन समय में मंदिर भूमि तल पर था, जबकि मुगल काल में इसे भवन की पहली मंजिल पर स्थापित किया गया। वर्तमान में पुनरुद्धार के बाद गुंबद निर्माण, कलश स्थापना और धर्म ध्वजा चढ़ाने से मंदिर को भव्य रूप मिला है। गांव में यह एकमात्र मंदिर है, जहां सीढ़ियों से चढ़कर दर्शन किए जाते हैं। स्वर्गीय पुजारी पंडित बालूराम (बालाबाबा) के पुत्र केदारमल शर्मा व उनके पोते पंडित मुकेश शर्मा और पंडित कैलाश शर्मा के प्रयासों तथा श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का यह स्वरूप संभव हुआ। इससे मंदिर की शोभा बढ़ी है और ग्रामीणों में उत्साह है।पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि यह मंदिर हसामपुर सिद्ध पीठ नृसिंह मंदिर के बाद दूसरी पीठ के रूप में माना जाता है और क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां विवाह से पहले दूल्हा मंदिर में माथा टेककर मनौती मांगता है और विवाह के बाद दुल्हन के साथ पूजा-अर्चना की परंपरा निभाई जाती है। पुष्पा देवी के अनुसार मंदिर परिसर में वर्षभर शरद पूर्णिमा, अन्नकूट व फूल-डोल जैसे कार्यक्रम होते रहते हैं। तीन दिवसीय अनुष्ठान में मोहनलाल सावतिया, गणेश, मनीष सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।













