69 पॉइंट्स पर 24 घंटे निगरानी, रहेगी , कैमरों में कैद होंगे जंगल के राज
झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
जिले के जंगलों में इस बार बुद्ध पूर्णिमा पर वन्यजीवों की हलचल सिर्फ देखी ही नहीं जाएगी, बल्कि कैमरों में कैद भी होगी। 1 मई को सुबह 8 बजे से शुरू होकर 2 मई सुबह 8 बजे तक 24 घंटे चलने वाली इस विशेष गणना में वन विभाग ‘वाटर हॉल पद्धति’ के जरिए जंगली जानवरों की मौजूदगी और गतिविधियों का सटीक आकलन करेगा। वन विभाग की इस मेगा कवायद में तकनीक और परंपरागत निगरानी का संगम देखने को मिलेगा। वनकर्मी जहां जलाशयों पर मुस्तैद रहेंगे, वहीं ट्रैप कैमरे हर गतिविधि को रिकॉर्ड करेंगे, जिससे आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। डीएफओ काव्या बी के अनुसार वैशाख पूर्णिमा की रात तेज चांदनी के कारण जंगल के जल स्रोतों पर आने वाले वन्यजीव साफ दिखाई देते हैं। यही कारण है कि इस दिन को गणना के लिए चुना गया है। पानी की तलाश में आने वाले जानवरों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी, साथ ही उनके लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। इस सर्वे में जिले के जंगलों में मौजूद 11 प्रकार के मांसाहारी, 8 प्रकार के शाकाहारी और 4 प्रकार के पक्षियों की प्रजातियों को चिन्हित किया जाएगा। इससे वन्यजीवों की वास्तविक स्थिति और उनके संरक्षण की दिशा में आगे की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। वन विभाग ने पूरे जिले को पांच रेंज में बांटकर 69 अहम पॉइंट्स तय किए हैं। इनमें खेतड़ी रेंज में सबसे ज्यादा 25 पॉइंट्स बनाए गए हैं। उदयपुरवाटी में 16, झुंझुनूं में 13, चिड़ावा में 8 और नवलगढ़ में 7 स्थानों पर वनकर्मी तैनात रहेंगे। इस बार ट्रैप कैमरों के इस्तेमाल से वन्यजीवों की संख्या और उनकी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में संरक्षण योजनाओं को और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। इस तरह, चांदनी रात में होने वाली यह ‘वन्यजीव गणना’ जंगल के अनदेखे जीवन को सामने लाने के साथ ही संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।
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