झुंझुनूं में विरासत संरक्षण की बड़ी पहल: ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत पांडुलिपियों का होगा डिजिटलाइजेशन

हिमांशु सिंह, जिला जनसंपर्क अधिकारी, झुंझुनूं

झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़

देश की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर को सहेजने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत अब देशभर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, संरक्षण और डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसी कड़ी में झुंझुनूं जिले में भी इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह ने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, मंदिरों, मठों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों को सुरक्षित करना है। इन अमूल्य दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन कर उन्हें संरक्षित किया जाएगा, ताकि शोधार्थियों को अध्ययन एवं शोध कार्य में प्रामाणिक सामग्री उपलब्ध हो सके और प्राचीन ज्ञान आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित रह सके।उन्होंने बताया कि जिले में पांडुलिपियों की खोज के लिए ‘हर घर दस्तक अभियान’ शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर आमजन को इस मुहिम से जोड़ा जाएगा और उनसे अपील की जाएगी कि यदि उनके पास कोई भी प्राचीन पांडुलिपि उपलब्ध है, तो उसकी जानकारी प्रशासन के साथ साझा करें।प्रशासन की ओर से आमजन की सुविधा के लिए संपर्क सूत्र भी जारी किए गए हैं। यदि किसी व्यक्ति या संस्था के पास प्राचीन पांडुलिपि है, तो वे ईमेल projjn@yahoo.co.in या मोबाइल नंबर 7014000497 पर सूचना दे सकते हैं। यह पहल न केवल झुंझुनूं जिले की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने में सहायक होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का एक समृद्ध डिजिटल भंडार भी तैयार करेगी।