चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया जिले का मान



हनुमानगढ़ । हिमांशु मिढ्ढा
जयपुर स्थित रावत पब्लिक स्कूल में 1 से 7 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 69वीं राज्य स्तरीय विद्यालयी 17/19 वर्ष छात्र-छात्रा रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता में हनुमानगढ़ के स्केटिंग खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए। इस उपलब्धि से हनुमानगढ़ जिले का नाम पूरे राजस्थान में गौरवान्वित हुआ है।विजेता खिलाड़ियों और कोच का शुक्रवार को हनुमानगढ़ पहुंचने पर अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों के अभिभावक, खेल प्रेमी व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।रोलर स्केटिंग कोच डा. संजय सूर्यवंशी ने बताया कि हनुमानगढ़ के युवा खिलाड़ी लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर राज्य स्तर पर अपना लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में जिले के खिलाड़ियों ने खेल भावना और उच्च स्तर की तकनीक का प्रदर्शन करते हुए कई अनुभवी प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ा।प्रतियोगिता में मौलिक सिंगाठिया ने इनलाइन कैटेगरी में अपने आयु वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। वहीं क्वॉड कैटेगरी में कनिका और प्रियंका ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो-दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इसके अतिरिक्त विकास वर्मा ने क्वॉड कैटेगरी में एक कांस्य पदक जीतकर टीम की उपलब्धियों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ा।डा. सूर्यवंशी ने बताया कि इन बच्चों ने प्रतियोगिता से पहले कई महीनों तक कठिन अभ्यास किया। सुबह-शाम नियमित रूप से प्रशिक्षण लेते हुए उन्होंने अपनी फिटनेस, संतुलन और गति पर विशेष ध्यान दिया। कोच ने कहा कि खिलाड़ियों की यह सफलता पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है और आने वाले समय में ये बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले का नाम रोशन करेंगे।एडीएम उम्मेदीलाल मीणा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि हनुमानगढ़ के बच्चे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में अनुशासन, मेहनत और लगन ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।विद्या सेंट्रल अकेडमी के निदेशक दीपक कश्यप ने कहा कि इस सफलता के पीछे बच्चों की दृढ़ इच्छाशक्ति और परिवारों का निरंतर सहयोग है।उन्होंने कहा कि रोलर स्केटिंग जैसे खेलों में निरंतर अभ्यास और मानसिक संतुलन बेहद आवश्यक होता है, और हनुमानगढ़ के खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिखाया कि छोटे शहरों के बच्चे भी बड़े मंच पर चमक सकते हैं।














