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बाल विहार विद्यालय में नन्हे-मुन्नों ने किया डांडिया नृत्य, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र

चूरू के श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी बाल विहार विद्यालय में डांडिया महोत्सव के दौरान बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी

नर्सरी से कक्षा द्वितीय तक के बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में दी प्रस्तुतियां, एसपी निश्चय प्रसाद एम. ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता को सराहा

चूरू। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी बाल विहार विद्यालय परिसर में मंगलवार, 13 अक्टूबर को एक दिवसीय संध्याकालीन डांडिया महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नर्सरी से कक्षा द्वितीय तक के नन्हे-मुन्नों ने रंग-बिरंगे परिधानों में उत्साहपूर्वक डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं कक्षा 9वीं और 11वीं की कला एवं वाणिज्य वर्ग की छात्राओं ने भी आकर्षक प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरीं। विद्यार्थियों की ओर से लगाई गई आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी और खाद्य पदार्थों के स्टॉल भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सरोज सुराणा, सुरेंद्र बोथरा, सचिव आनंद बालाण, प्रेमसिंह राठौड़, प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद जांगिड़, विद्यालय कार्यकारिणी समिति के सदस्य अजय शर्मा, रवीन्द्र सिंह शेखावत और लेखाकार सुरेश शर्मा ने मां दुर्गा एवं भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिला अणुव्रत समिति की पूर्व अध्यक्ष रचना कोठारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

एसपी ने की विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना

कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम. ने भी शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से लगाई गई आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा बच्चों की मेहनत, रचनात्मकता और नवाचार की सराहना की। उन्होंने विद्यालय के इस प्रयास को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को कला, संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नन्हे-मुन्नों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

डांडिया महोत्सव में कक्षा प्रथम के विद्यार्थियों ने अध्यापिकाओं रश्मि साधवानी, ज्योति और रेखा शर्मा के मार्गदर्शन में प्रस्तुति दी। कक्षा द्वितीय के विद्यार्थियों ने अध्यापिकाओं मीनाक्षी टाक, पायल लुनावत और सुषमा शर्मा के सान्निध्य में डांडिया नृत्य किया। विद्यार्थियों ने अपनी कक्षा अध्यापिकाओं और नृत्य शिक्षक आदिल खान के निर्देशन में नृत्य का अभ्यास किया था।

कक्षा 9वीं और 11वीं की छात्राओं ने भी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों की प्रस्तुतियों की अतिथियों ने सराहना की। कार्यक्रम में माताओं, बहनों, बालिकाओं और विद्यालय की अध्यापिकाओं ने भी डांडिया नृत्य में भाग लेकर उत्सव का आनंद लिया।अतिथियों ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को विभिन्न परंपराओं, रीति-रिवाजों और जीवन मूल्यों से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं।

हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आर्ट एंड क्राफ्ट कक्षा में तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इसमें घरेलू सजावट की वस्तुएं, दीपावली और नवरात्र से संबंधित उत्पाद, रंगोली, उपहार सामग्री, पेंटिंग और फैंसी आइटम प्रदर्शित किए गए। विद्यार्थियों ने इन उत्पादों की बिक्री भी की।अतिथियों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, मेहनत और उत्पाद बनाने की बारीकियों की सराहना की। उन्होंने विद्यालय की इस पहल को बच्चों की प्रतिभा निखारने की दिशा में उपयोगी बताया।

विद्यार्थियों ने संभाली प्रबंधन और विपणन की जिम्मेदारी

विद्यालय परिसर के एक हिस्से में विद्यार्थियों की ओर से खाद्य पदार्थों, जूस, फल और नमकीन के स्टॉल लगाए गए। यहां गोलगप्पे, पाव भाजी, केक, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई गई। स्टॉलों के संचालन के दौरान विद्यार्थियों ने प्रबंधन, विपणन और बिक्री से जुड़े कौशल का प्रदर्शन किया। बच्चों की कार्यकुशलता और प्रबंधन क्षमता देखकर अतिथि एवं अभिभावक प्रभावित हुए। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।

सांस्कृतिक गतिविधियों से होता है सर्वांगीण विकास

विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमसिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ समय-समय पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के रीति-रिवाजों, त्योहारों और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराना है, ताकि वे विभिन्न परंपराओं को समझ सकें और उनसे जुड़ सकें।उन्होंने विद्यालय न्यास और उसके सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों और वित्तीय सहयोग से ऐसे आयोजन संभव हो पाते हैं। इन कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

न्यासियों ने दी बधाई

विद्यालय संचालक न्यास के मुख्य न्यासी बसंत कुमार पारख और विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. सूरजमल सुराणा सहित दिल्ली एवं कोलकाता के अन्य सदस्यों और न्यासियों ने दूरभाष के माध्यम से विद्यालय प्रशासन को कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने डांडिया नृत्य में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी को नवरात्र पर्व की बधाई दी। कार्यक्रम में घनश्याम शर्मा, लखेन्द्र सिंह, विनोद शर्मा, विजय शर्मा, भवानी सिंह, नरेन्द्र सिंह, नवनीत शर्मा, अनिल शर्मा, महेश शर्मा, सुनील चोटिया, इंतजार अली, रजत शर्मा, मनीष शर्मा, मुदित शर्मा, आदिल खान, तख्त सिंह, कल्पना जांगिड़, ज्योति मेड़तिया, नीलम शर्मा, नूतम शर्मा, वंदना शर्मा, सीता सैनी, सुनीता टाक, निर्मला तलवानी, रेखा शर्मा, रश्मि साधवानी, खुशी जैन और प्रतिभा कंवर सहित विद्यालय के कर्मचारी, सैकड़ों महिलाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आनंद कंवर ने किया।

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