233 प्रत्याशियों ने दाखिल किए 335 नामांकन, महिला ओबीसी अध्यक्ष पद ने बढ़ाई चुनावी सरगर्मी; वार्ड-वार समीकरण साधने में जुटे दल
खेतड़ी। झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
नगरपालिका चुनाव को लेकर खेतड़ी में सियासी घमासान तेज हो गया है। नामांकन प्रक्रिया के बीच भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों के पत्ते खोल दिए हैं। भाजपा ने नगरपालिका के सभी 25 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक दी है, जबकि कांग्रेस ने 20 वार्डों में प्रत्याशी घोषित किए हैं। नामांकन के दौरान कुल 233 प्रत्याशियों ने 335 नामांकन पत्र दाखिल किए, जिससे निकाय चुनाव में मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। खेतड़ी नगरपालिका के 25 वार्डों में होने वाले चुनाव में इस बार अध्यक्ष पद महिला ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में पार्षद चुनाव के साथ ही पालिकाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर भी राजनीतिक जोड़-तोड़ और रणनीतिक बिसात बिछने लगी है। दोनों प्रमुख दलों में अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वार्डों के नतीजे अध्यक्ष पद की तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
कांग्रेस ने गीता सैनी पर जताया भरोसा
कांग्रेस ने निवर्तमान पालिकाध्यक्ष गीता सैनी को एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी ने उन्हें वार्ड संख्या 5 से प्रत्याशी बनाया है। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष के चुनाव मैदान में उतरने से वार्ड 5 पर सभी की नजरें टिक गई हैं। यहां मुकाबला रोचक होने के साथ ही गीता सैनी की राजनीतिक पकड़ और पिछले कार्यकाल के कामकाज को लेकर भी मतदाताओं के बीच चर्चा रहने की संभावना है।
भाजपा की सूची में युवा चेहरों की दस्तक
भाजपा ने सभी 25 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर चुनावी मैदान में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। पार्टी ने इस बार कई युवा चेहरों पर भरोसा जताया है, जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आ रहा है। युवा प्रत्याशियों के जरिए पार्टी ने वार्ड स्तर पर नई ऊर्जा और मतदाताओं के बीच नई अपील बनाने की कोशिश की है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान 233 प्रत्याशियों द्वारा 335 नामांकन दाखिल किए जाने से यह भी स्पष्ट है कि कई वार्डों में सीधा मुकाबला नहीं होगा, बल्कि बहुकोणीय चुनावी तस्वीर देखने को मिलेगी। नामांकन वापसी के बाद मैदान में बचे प्रत्याशियों की वास्तविक संख्या सामने आएगी और इसके साथ ही वार्डवार मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। महिला ओबीसी के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित होने से इस बार चुनाव में इस वर्ग की महिला प्रत्याशियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित अध्यक्ष पद के दावेदार भी अपने समर्थकों को जिताने के लिए वार्डवार समीकरण साधने में जुटेंगे। ऐसे में कई वार्डों के चुनाव परिणाम केवल पार्षद चुनने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पालिका की अगली सत्ता का रास्ता भी तय करेंगे। अब प्रत्याशियों के सामने नामांकन के बाद मतदाताओं तक पहुंचने की चुनौती है। वार्डों में जनसंपर्क, बैठकों और समर्थकों की सक्रियता बढ़ने के साथ चुनावी माहौल और गरमाने की उम्मीद है। भाजपा के सभी वार्डों में मैदान में उतरने और कांग्रेस के 20 वार्डों में प्रत्याशी उतारने से मुकाबले में बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी निर्णायक हो सकती है। आने वाले दिनों में कौन प्रत्याशी किसके वोट बैंक में सेंध लगाता है और कौन अपने वार्ड में मजबूत पकड़ बनाता है, इस पर खेतड़ी की सियासत की निगाहें टिकी रहेंगी।














