कथावाचक गोपाल सुदामा जी ने सुनाई भगवान शिव के विभिन्न अवतारों की कथा, विधायक गणेशराज बंसल ने किया सम्मान
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हनुमानगढ़।हिमांशु मिड्ढा
पवित्र श्रावण (सावन) मास के अवसर पर श्री सनातन धर्म महावीर दल न्यास, हनुमानगढ़ टाउन के पावन तत्वावधान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा को सोमवार को विश्राम दिया गया। कथा के नौवें दिन व्यासपीठ पर विराजमान प्रसिद्ध कथावाचक श्री गोपाल सुदामा जी ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव के विभिन्न अवतारों की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए शिव भक्ति का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए और भगवान शिव के जयकारों से कथा स्थल गूंज उठा। कथावाचक श्री गोपाल सुदामा जी ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों पर सदैव कृपा बरसाते हैं। उन्होंने शिव के विभिन्न स्वरूपों और अवतारों की कथा सुनाते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति, सत्य एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने सुदामा की कथा का भी भावपूर्ण वर्णन किया तथा भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का महत्व बताया।
श्री सनातन धर्म महावीर दल न्यास, हनुमानगढ़ टाउन के अध्यक्ष प्रेमरतन पारीक ने बताया कि कथा के विश्राम अवसर पर स्थानीय विधायक गणेशराज बंसल ने व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक श्री गोपाल सुदामा जी का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। वहीं कथावाचक श्री गोपाल सुदामा जी ने भी विधायक गणेशराज बंसल का शिव दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने दोनों का अभिनंदन किया।अध्यक्ष प्रेमरतन पारीक ने बताया कि श्री शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को प्रातः 8:15 बजे हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन होगा। उन्होंने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर हवन-यज्ञ में भाग लेने तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने का आह्वान किया।उन्होंने बताया कि श्री शिव महापुराण कथा के आयोजन में श्रीमती अंजू शर्मा, धर्मपत्नी स्वर्गीय महावीर प्रसाद शर्मा, सहित श्री सनातन धर्म महावीर दल न्यास के सचिव प्रह्लाद गुप्ता,सुन्दर बंसल,राजेन्द्र पारीक,अनिल जैन,कुलदीप जैन सहित अन्य सदस्यों द्वारा पूर्ण सहयोग किया जा रहा है। नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा श्रवण किया और भगवान शिव की आराधना की। कथा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।







