मोबाइल से दूरी, खेलों से दोस्ती: गोपालपुरा में बना अनोखा ‘रमतीयों’ प्ले जोन

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पंचायत भवन के हॉल में फर्श पर उकेरे गए लूडो, शतरंज और सांप-सीढ़ी जैसे खेल; बच्चों को मिलेगा खेल के साथ जिम्मेदारी सीखने का अवसर

चूरू। मोबाइल की बढ़ती लत के बीच बच्चों को स्क्रीन से दूर कर पारंपरिक खेलों से जोड़ने की दिशा में ग्राम पंचायत गोपालपुरा ने अनूठी पहल की है। पंचायत भवन के हॉल में बच्चों के लिए ‘रमतीयों’ प्ले जोन तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के साथ उन्हें खेलों के प्रति आकर्षित करना है।प्ले जोन का उद्घाटन बुधवार को गांव की होनहार बालिका नैना राईका, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रणजीत भींचर, बीके सुप्रभा, एसीबीईओ धर्म सिंह मीणा एवं आरपी कैलाश चिनिया ने फीता काटकर किया।

फर्श पर बनाए पारंपरिक खेलों के मैदान

पंचायत प्रशासक सविता राठी ने बताया कि करीब 55 फीट लंबे और 40 फीट चौड़े हॉल के फर्श पर आकर्षक पेंटिंग के जरिए लूडो, सांप-सीढ़ी, चरबर, शतरंज और निशाना सर्कल जैसे खेल तैयार किए गए हैं। स्कूली बच्चे दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक यहां खेल सकेंगे। गांव के बुजुर्गों के लिए भी इस खेल क्षेत्र का उपयोग करने की सुविधा रहेगी। राठी के अनुसार ‘रमतीयों’ तैयार करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और नशे जैसी आदतों से दूर रखकर खेलों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि प्ले जोन का निर्माण उन्होंने अपने स्वयं के खर्चे से करवाया है।

खेल के साथ पंचायत की योजनाओं से भी जुड़ेंगे बच्चे

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रणजीत भींचर ने इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि स्कूल के बाद बच्चों को पंचायत भवन में खेलने का बेहतर वातावरण मिलेगा। इससे वे खेलों के साथ ग्राम पंचायत और सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थानी भाषा में खेलों को ‘रमतीयों’ कहा जाता है।एसीबीईओ धर्म सिंह मीणा ने बच्चों को मोबाइल के संतुलित और सकारात्मक उपयोग की सीख दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल का सही इस्तेमाल भविष्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, जबकि इसका गलत उपयोग बच्चों के विकास पर विपरीत असर डाल सकता है।

बच्चों ने जताई खुशी, खुद संभालेंगे प्ले जोन

बीके सुप्रभा बहन ने बच्चों और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। वहीं तिलोकरम ने बताया कि प्ले जोन का संचालन बच्चों द्वारा ही किया जाएगा। इससे बच्चों को खेल के साथ प्रबंधन, अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने की सीख भी मिलेगी।कार्यक्रम में गणपत दास स्वामी, झूमर सारण, बाबूलाल, भंवरलाल, ओमप्रकाश गुर्जर, राहुल प्रजापत, प्रह्लाद दर्जी, प्रकाश स्वामी, आचू, कमली, रूघाराम नायक, श्याम सिंह, पप्पू सिंह, कालू सिंह, बजरंग सारण, रूपसिंह, केशर राम नायक, आजाद खान, सुनील प्रजापत, टिंकू शर्मा, प्रीति, संतोष पिलानिया, ममता और गुगल कंवर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।प्ले जोन को लेकर बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। लक्ष्मी खिचड़ और ऊषा सेन ने कहा कि खेल खेलने की सुविधा मिलना उनके लिए सपने जैसा था, जो अब ‘रमतीयों’ के रूप में पूरा हुआ है।