बीडीके अस्पताल में रक्त की कमी पर बढ़े मदद के हाथ, आज लगेगा अन्नूश्री फाउंडेशन का विशाल रक्तदान शिविर

जीवन बचाने के लिए आगे आए सामाजिक संगठन, एचआरपी गर्भवतियों व ट्रॉमा मरीजों की बढ़ी जरूरत के बीच स्वैच्छिक रक्तदान की अपील

ALSO FOLLOW INTERVIEWER INDIA ON FACEBOOK  YOUTUBE 

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले के सबसे बड़े राजकीय भगवान दास खेतान (बीडीके) अस्पताल के ब्लड बैंक में कुछ रक्त समूहों के स्टॉक में कमी आने के बाद सामाजिक संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और आमजन ने स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अन्नूश्री फाउंडेशन, झुंझुनूं की ओर से शुक्रवार को बीडीके अस्पताल के ब्लड सेंटर में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। ब्लड बैंक प्रभारी एवं उपनिदेशक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि अन्नूश्री फाउंडेशन के निदेशक डॉ. अन्नूश्री के नेतृत्व में सामाजिक सरोकार से जुड़े नागरिकों और संस्थान के कार्मिकों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की सहायता का संकल्प लिया है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान कर इस जनहित अभियान से जुड़ने की अपील की। पीएमओ एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि जिले में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) मामलों की समय पर पहचान और रेफरल व्यवस्था बेहतर होने से बीडीके अस्पताल में भर्ती होने वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही ट्रॉमा और अन्य गंभीर मरीजों के लिए भी लगातार रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में आमजन और सामाजिक संस्थाओं द्वारा किया जा रहा स्वैच्छिक रक्तदान अनेक मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है। डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले के सभी 11 ब्लॉकों में प्रत्येक माह रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों से एकत्रित रक्त का 50 प्रतिशत हिस्सा सरकारी ब्लड बैंकों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त की ब्लड बैंक स्टॉक स्थिति के अनुसार ए+ (15 यूनिट), ए- (11), बी+ (68), बी – (19), ओ+ (71), ओ- (8), एबी+ (9) तथा एबी- (4) यूनिट रक्त उपलब्ध है। वर्तमान में ए+, एबी+, एबी- और ओ- रक्त समूह का केवल आपातकालीन स्टॉक ही शेष है, जबकि ओ+, बी+ और बी- समूह का रक्त अपेक्षाकृत पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ब्लड बैंक प्रशासन ने आमजन, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों से आगे आकर नियमित स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है, ताकि किसी भी जरूरतमंद मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि “आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए नया जीवन बन सकता है।”