परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र अटकने से फूटा आक्रोश, वार्ता के बाद डिवाइस मंगवाने पर बनी सहमति, फिर भी आंदोलन जारी
हनुमानगढ़। हिमांशु मिढ्ढा
व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (वीएलटी) डिवाइस की अनिवार्यता के चलते ट्रकों के परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से नाराज ट्रक ऑपरेटरों ने बुधवार से जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) कार्यालय में बेमियादी धरना शुरू कर दिया। ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों ने डीटीओ कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया तथा चेतावनी दी कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।धरने के दौरान ट्रक ऑपरेटरों की जिला परिवहन अधिकारी नरेश पूनिया के साथ लंबी वार्ता हुई। इस दौरान सीओ सिटी मीनाक्षी तथा जंक्शन थाना प्रभारी रामचन्द्र कस्वां भी मौजूद रहे।
प्रारंभिक वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से ट्रक ऑपरेटरों में नाराजगी बनी रही।जिला ट्रक यूनियन के प्रधान लीलाधर शर्मा और जुगल किशोर राठी ने बताया कि 13 जुलाई को भारतमाला रोड पर गांव कोहला के पास ट्रक ऑपरेटरों ने चक्का जाम किया था। उस दौरान बीकानेर से पहुंचे परिवहन विभाग के एआरटीओ संजीव चौधरी ने 14 जुलाई से लंबित परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार डीटीओ कार्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया।ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि सरकार ने ट्रकों में वीएलटी डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया है, लेकिन परिवहन विभाग के पास ही डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में ट्रक मालिक न तो नए परमिट बनवा पा रहे हैं और न ही फिटनेस प्रमाण पत्र का नवीनीकरण करा पा रहे हैं। इससे परिवहन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुशील कुकरेजा ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर वीएलटी डिवाइस लगाने का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका विरोध केवल इस बात को लेकर है कि जब विभाग के पास डिवाइस ही उपलब्ध नहीं है तो ट्रांसपोर्टरों को अनावश्यक रूप से परेशान क्यों किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में वीएलटी डिवाइस की कोई कमी नहीं है। यदि परिवहन आयुक्त स्तर से उचित आदेश जारी किए जाएं तो डिवाइस आसानी से उपलब्ध कराई जा सकती हैं।उन्होंने बताया कि परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय सबसे पहले वीएलटी डिवाइस का विवरण भरना अनिवार्य होता है। डिवाइस उपलब्ध नहीं होने के कारण आवेदन आगे ही नहीं बढ़ पाता, जिससे पिछले करीब दो माह से सैकड़ों ट्रकों के परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र लंबित पड़े हैं।धरने और विरोध प्रदर्शन के बाद एक बार फिर अधिकारियों और ट्रक यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। वार्ता में इस बात पर सहमति बनी कि राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत 10 वीएलटी कंपनियों से तत्काल डिवाइस मंगवाई जाएंगी। जिला परिवहन अधिकारी ने संबंधित कंपनियों को तुरंत ऑर्डर जारी करने के निर्देश दिए, ताकि जल्द से जल्द डिवाइस उपलब्ध कराकर ट्रकों में इंस्टॉल की जा सके और लंबित परमिट व फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जा सकें।वार्ता के बाद ट्रक ऑपरेटरों का गुस्सा कुछ शांत जरूर हुआ, लेकिन उन्होंने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। यूनियन पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक वीएलटी डिवाइस उपलब्ध होकर ट्रकों में इंस्टॉल नहीं हो जाती और लंबित परमिट व फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाते, तब तक डीटीओ कार्यालय के बाहर उनका बेमियादी धरना लगातार जारी रहेगा।इस मौके पर भगवती प्रसाद राठी, मंगल सिंह सिल्लू, महेन्द्र गोस्वामी, संगरीया प्रधान सुभाष बिश्नोई, अशोक कुमार, रावतसर प्रधान मुसे खां, मनमोहन सोनी, पन्ना, बलविन्द्र सिंह, कपिल गोयल, रविन्द्र धारणिया, अनिल धमीजा, संजीव गोयल, विक्रम शर्मा, राज सिंगला, बलदेव सिंह सहित अन्य ट्रक ऑपरेटर मौजूद थे।














