प्राचार्य डॉ. श्याम सुन्दर शर्मा ने कहा— भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कार आधारित शिक्षा से होगा विकसित भारत का निर्माण
हनुमानगढ़। हिमांशु मिढ्ढा
भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर सरस्वती कन्या पीजी महाविद्यालय, हनुमानगढ़ में भारतीय शिक्षा के स्वरूप, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा भारतीय शिक्षा दिवस मनाने के आह्वान के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा आधारित शिक्षा तथा संस्कारयुक्त शिक्षण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. श्याम सुन्दर शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी इसी दिशा में भारतीय भाषाओं, मातृभाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा और समग्र शिक्षा पर विशेष बल देती है।उन्होंने कहा कि 2 जुलाई का दिन भारतीय शिक्षा के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इसी दिन वर्ष 2004 में शिक्षा बचाओ आंदोलन का शुभारंभ हुआ था, जिसका उद्देश्य पाठ्यक्रमों में व्याप्त विसंगतियों को दूर कर भारतीय दृष्टि पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। बाद में वर्ष 2007 में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की स्थापना हुई, जिसने भारतीय जीवन मूल्यों, चरित्र निर्माण, वैदिक गणित, मातृभाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रसार के लिए देशभर में उल्लेखनीय कार्य किए।डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, सभ्यता और जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए शिक्षा को समाज और राष्ट्र की सेवा का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा व्यवस्था भारतीयता से ओतप्रोत होगी और विद्यार्थी ज्ञान के साथ संस्कारों से भी समृद्ध होंगे।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भारतीय शिक्षा दिवस मनाने के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था का मूल लक्ष्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास है। शिक्षा में भारतीय दृष्टि, मातृभाषा, पर्यावरण संरक्षण, नैतिकता, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को समान महत्व दिया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास देशभर में भारतीय शिक्षा दिवस मनाने का आह्वान कर रहा है।अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भारतीय संस्कृति एवं शिक्षा के आदर्शों को अपनाने तथा शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय परिवार ने भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर शिक्षा के भारतीय स्वरूप को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने और राष्ट्रहित में सकारात्मक शैक्षिक वातावरण विकसित करने का संदेश दिया।














