विश्व पर्यावरण दिवस पर बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व में हुआ अभियान का भव्य समापन, जल संरक्षण की शपथ दिलाकर वितरित किए पौधे
झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में गंगा दशमी से संचालित ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ का शुक्रवार को उत्साह और जनभागीदारी के साथ समापन किया गया। झुंझुनूं स्थित बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व में आयोजित जिला स्तरीय समापन समारोह जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संकल्प का सशक्त मंच बना। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। समारोह के दौरान जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी देकर इसके उपयोग से बचने की अपील की गई। उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा पौधों का वितरण कर अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर जल बचाने और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया, जिससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का विशेष वातावरण बना। इस अवसर पर झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा कि जल एवं पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि धरती और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा ‘वंदे गंगा’ अभियान इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।मनरेगा आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल, वृक्ष और प्रकृति की पूजा की परंपरा रही है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अभियान में जल पूजन, पीपल पूजन जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा के तहत भी जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि जिलेभर में अभियान के दौरान लगभग 14 हजार गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें 8 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए इस अभियान को जनसहभागिता ने जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मिले सकारात्मक परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि सामूहिक प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी परशुराम धानका, अभियान के जिला समन्वयक विशंभर पूनिया, संयोजक राकेश शर्मा, बनवारीलाल सैनी, , डीएफओ काविया पीबी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
जनभागीदारी से सशक्त हुआ जल संरक्षण अभियान
गंगा दशमी से विश्व पर्यावरण दिवस तक चले इस विशेष अभियान के दौरान जिलेभर में जल स्रोतों के संरक्षण, जल संचयन, स्वच्छता, वृक्षारोपण, जनजागरूकता रैलियों और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समापन समारोह ने यह संदेश दिया कि जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।










