कंज्यूमर वॉइस 2.0 जागरूकता न्यायोत्सव अभियान का शुभारंभ, 24 दिसंबर तक 1000 प्रकरण निस्तारण का लक्ष्य
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग झुंझुनूं के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आम उपभोक्ता को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाता है। अधिनियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें समयबद्ध राहत प्रदान करना है। मंडावा में आयोजित उपभोक्ता रात्रि चौपाल में “कंज्यूमर वॉइस 2.0 जागरूकता न्यायोत्सव अभियान” का शुभारंभ करते हुए उन्होंने आमजन से अभियान से जुड़ने और पीड़ित उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। यह अभियान आगामी 24 दिसंबर 2026 राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 1000 प्रकरणों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयोग का प्रयास है कि इस वर्ष दर्ज होने वाले मामलों की तुलना में पांच गुना अधिक लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर पीड़ित उपभोक्ताओं को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाए।
राज्य आयोग के निर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा अभियान
आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि यह अभियान माननीय राज्य आयोग के अध्यक्ष न्यायाधिपति देवेन्द्र कच्छवाहा के मार्गदर्शन तथा 26 फरवरी 2026 को जारी परिपत्र की अक्षरशः पालना के तहत संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक न्याय को उनके द्वार तक पहुंचाना और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह न्यायोत्सव देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा समस्त अधिवक्ता समुदाय को समर्पित है। न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने और आमजन को उनके अधिकार दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। कार्यक्रम में मनोज कुमार मील ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक उपभोक्ता को सुरक्षा का अधिकार, जानकारी प्राप्त करने का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, प्रतिकर प्राप्त करने का अधिकार तथा शिकायत दर्ज कराने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि खराब वस्तु, घटिया सेवा, अनुचित व्यापार व्यवहार, भ्रामक विज्ञापन, बीमा दावा, बिजली-पानी बिल, ई-कॉमर्स लेनदेन अथवा अन्य उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित समस्याओं पर उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आयोग ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई कर राहत प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को भी जवाबदेह बनाया गया है तथा भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। साथ ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भी आसानी से न्याय मिल सकेगा। उपभोक्ता रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीण उपभोक्ताओं ने बिजली, पानी, बीमा दावा तथा अन्य विभागों से जुड़े लंबित मामलों की जानकारी दी। इस पर आयोग अध्यक्ष ने संबंधित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में उपभोक्ता संरक्षण समिति मंडावा के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपभोक्ता मौजूद रहे।
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