शिक्षक रैली की गूंज पर सियासी संग्राम: शिक्षा मंत्री पर “बदले की भावना” से एफआईआर करवाने का आरोप

राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का बड़ा हमला, कहा— “आंदोलन दबाने के लिए पदाधिकारियों को बनाया निशाना”

जयपुर I झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
ग्रीष्मावकाश में कटौती के विरोध को लेकर प्रदेशभर में उभरे शिक्षक आंदोलन ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि रामगंजमंडी में हुई ऐतिहासिक शिक्षक रैली की सफलता से घबराकर संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ “झूठी एवं निराधार एफआईआर” दर्ज करवाई गई है। संघ के अनुसार 18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में आयोजित विशाल शिक्षक रैली में 3000 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया था। संगठन का दावा है कि भीषण गर्मी के बावजूद शिक्षकों की भारी मौजूदगी ने सरकार को असहज कर दिया और इसी के बाद बदले की भावना से कार्रवाई की गई। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने आरोप लगाया कि संगठन के मुख्य पदाधिकारियों—प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, प्रदेश महामहामंत्री रामदयाल मीणा , कोषाध्यक्ष हेमंत कुमार जांगिड़ सहित अन्य के खिलाफ रामगंजमंडी थाने में राजनीतिक दबाव में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। संघ का कहना है कि शिक्षकों का आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण था तथा रैली पुलिस प्रशासन के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई थी। संगठन ने दावा किया कि इस आंदोलन को सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश में व्यापक समर्थन मिला और इससे शिक्षा मंत्री की राजनीतिक स्थिति प्रभावित हुई। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने से दूरी बनाई, जिसके बाद एक महिला भाजपा कार्यकर्ता के माध्यम से मामला दर्ज कराया गया। शिक्षक संघ ने इसे “शिक्षकों की आवाज दबाने का प्रयास” बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई से शिक्षकों में सरकार के प्रति भारी रोष है।संघ नेताओं ने कहा कि सरकार की इस कार्रवाई से संगठन कमजोर नहीं बल्कि और अधिक मजबूत होगा। शिक्षक समाज में संगठन के प्रति विश्वास और समर्थन बढ़ेगा तथा आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।वहीं संगठन ने शिक्षा विभाग के शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 में ग्रीष्मावकाश में 10 दिन और संस्थाप्रधानों के अधिकृत अवकाश में एक दिन की कटौती को लेकर सरकार को पुनर्विचार की चेतावनी भी दी है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।

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