टीबी मुक्त भारत अभियान में लापरवाही पर सख्त चेतावनी
झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
जिले में चल रहे 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करने पहुंचे स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. एसएन धौलपुरिया ने अभियान में ढिलाई बरतने वाले कार्मिकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्य में सुधार नहीं होने पर नोटिस जारी करने से लेकर वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने तक की कार्रवाई की जाएगी। गुरूवार को सीएमएचओ कार्यालय में आयोजित बैठक में डॉ. धौलपुरिया ने जिलेभर के बीपीएम एवं एनटीईपी फील्ड स्टाफ के साथ अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान डब्ल्यूएचओ सलाहकार सुधांशु खत्री ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न इंडिकेटर्स की जानकारी दी। समीक्षा में ब्लॉक सिंघाना और बुहाना में निक्षय आईडी इनरोलमेंट की स्थिति बेहद कमजोर पाए जाने पर डॉ. धौलपुरिया ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के 236 हाई रिस्क गांवों में विशेष फोकस के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि ओपीडी में आने वाले सभी संभावित टीबी मरीजों की निक्षय आईडी बनाई जाए तथा समय पर चेस्ट एक्स-रे और जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही बीडीके अस्पताल झुंझुनूं एवं बिरला अस्पताल पिलानी में होने वाले शत-प्रतिशत चेस्ट एक्स-रे को निक्षय पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में डॉ. धौलपुरिया ने कहा कि अभियान में कार्मिकों के कार्य प्रदर्शन के आधार पर ही वार्षिक वेतन वृद्धि पर विचार किया जाएगा। पिछड़े ब्लॉकों के एनटीईपी कार्मिकों के इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश भी जिला क्षय रोग अधिकारी को दिए गए। उन्होंने अभियान को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर देते हुए सांसद, विधायक, यूएलबी एवं पीआरआई जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हाई रिस्क गांवों में शिविर आयोजन से पूर्व ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड पार्षदों के माध्यम से आमजन को जागरूक करने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक लोग शिविरों का लाभ उठा सकें।इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को “निक्षय मित्र” के रूप में जोड़कर टीबी मरीजों को नियमित पोषण सामग्री उपलब्ध करवाने पर भी बल दिया गया। बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. भंवरलाल, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विजय सिंह, डीपीसी आनंद चौधरी सहित जिले के सभी ब्लॉकों के बीपीएम एवं एनटीईपी स्टाफ मौजूद रहे।















