प्रो. डॉ. के.सी. सोनी ने नशा मुक्ति के दुष्प्रभावों पर किया मार्गदर्शन, प्राचार्य डॉ. एस.के. सैनी बोले— विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना लक्ष्य


चूरू। आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा राजस्थान के निर्देशानुसार राजकीय विधि महाविद्यालय चूरू में “नई किरण नशा मुक्ति कार्यक्रम” के अंतर्गत एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. एस.के. सैनी ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित प्रोफेसर डॉ. के.सी. सोनी (सेवानिवृत्त, राजकीय लोहिया महाविद्यालय, चूरू) ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नशा मुक्ति के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज—तीनों के लिए विनाशकारी है। युवा पीढ़ी अगर नशे से दूर रहे तो समाज की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लग सकती है। डॉ. सोनी ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए उदाहरणों और वास्तविक घटनाओं के माध्यम से बताया कि नशा केवल व्यक्ति की आर्थिक और शारीरिक हानि ही नहीं करता, बल्कि मानसिक संतुलन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों से आगाह करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. एस.के. सैनी ने कहा कि कॉलेज शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे “नई किरण” अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ और नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि विधि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ समाज का भविष्य हैं और वे अगर इस मुहिम को आगे बढ़ाएँगे तो निश्चित ही समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। कार्यक्रम के संयोजक डॉ अनिल कुमार सैनी और मंच संचालन सहायक आचार्य डॉ अपूर्वा शर्मा ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के संकाय सदस्य डॉ श्रीराम सैनी, श्री धीरज सक्सेना, श्रीमती अनिता कुमावत सहित स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।














