

चूरू। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत ब्लॉक समन्वयकों व दक्ष प्रशिक्षकों का जिला स्तरीय एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला साक्षरता व सतत शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद गहलोत ने उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और वर्ष 2030 तक चूरू जिले को सम्पूर्ण साक्षर बनाने पर बल दिया। इसी क्रम में असाक्षरों का चिन्हीकरण कर उनके वित्तीय साक्षरता डिजिटल साक्षरता, कानूनी साक्षरता, परिवार कल्याण, शिशु देखभाल, आपदा प्रबंधन सम्बन्धित कौशल प्रदान कर गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिये बुनियादी साक्षरता व संख्याज्ञान दिये जाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सहायक निदेशक प्रमेन्द्र कुमार शर्मा ने साक्षरता को जीवन शैली से जोड़कर शिक्षा में सम्प्रेषण की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए असाक्षरों को शत-प्रतिशत साक्षर करने के लिये प्रोत्साहित किया। संस्थापन अधिकारी अशोक कुमार खटुम्बरियां ने भी साक्षरता संबंधित प्रशिक्षण की उपादेयता की जानकारी दी। राज्य स्तरीय दक्ष सन्दर्भ व्यक्ति राजेन्द्र सिंह व प्रधानाध्यापक आशाराम घिंटाला ने साक्षरता के सभी आयामों का प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण में चिरंजीलाल सैनी, जयप्रकाश शर्मा, दुर्गा शर्मा, भोलेश कुमार शर्मा, संजीव शर्मा, मुकेश जांगिड़, जयप्रकाश नारनौलिया सहित जिले के समस्त ब्लॉक समन्वयक तथा प्रत्येक ब्लॉक के 03 दक्ष प्रशिक्षकों ने भाग लिया।











