मुआवजा, गिरदावरी व जलभराव समाधान को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले तहसील कार्यालय के बाहर किसानों का पड़ाव, मंगलवार को चक्का जाम व घेराव की चेतावनी

हनुमानगढ़ । हिमांशु मिढ्ढा
वर्ष 2024 की अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा न मिलने और 2025 में भी फसलों व मकानों को हुए भारी नुकसान की अनदेखी के खिलाफ अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में शुक्रवार से नोरगदेसर उप तहसील कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-पड़ाव शुरू कर दिया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान उप तहसील कार्यालय के बाहर जुटे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता मनीष बुरड़क ने कहा कि जब तक सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, धरना जारी रहेगा।धरना स्थल पर हुई सभा में किसान नेता जगजीत सिंह जग्गी ने कहा कि “एक वर्ष पहले 2024 में आई अतिवृष्टि के मुआवजे का किसानों को आज तक इंतजार है। न तो राशि मिली, न ही जिम्मेदारों ने ध्यान दिया। इस वर्ष भी अतिवृष्टि के कारण फसलों और मकानों को नुकसान हुआ, लेकिन कोई गिरदावरी या सर्वे नहीं हुआ। इससे साफ है कि प्रशासन और सरकार को किसानों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं।” उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार को बड़ा घेराव, चक्का जाम और कामबंदी जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम किए जाएंगे।धरने के पहले चरण में किसानों की तहसीलदार से मौके पर वार्ता हुई, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। इसके बाद एसडीएम कार्यालय में दूसरी दौर की वार्ता हुई, जिसमें कुछ मांगों पर आंशिक सहमति बनी। बावजूद इसके किसानों ने साफ कहा कि जब तक 2024 का मुआवजा जारी नहीं होता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।किसानों ने धरने के दौरान अपनी प्रमुख मांगें भी प्रशासन के समक्ष स्पष्ट रूप से रखीं। किसानों ने मांग की कि वर्ष 2024 की अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा तत्काल दिया जाए। वर्ष 2025 में फसलों, मकानों और ढाणियों को हुए नुकसान का विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा दिलवाया जाए। प्रभावित इलाकों में जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान निकाला जाए ताकि हर साल किसानों को फसलों के नुकसान का सामना न करना पड़े। ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि सिंचाई व्यवस्था सुचारू चल सके। चक 1 आरपी मोहनमगरिया से लेकर 5 एमडी से 10 एमडी तक जल निकासी की समस्या का स्थायी हल किया जाए तथा चक 7 एडीआर ए व 7 एडीआर बी तक जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।इसके अलावा ग्राम पंचायत हरिपुरा, मोहनमगरिया, मटोरियावाली ढाणी, आदर्श नगर, 22-23 एनडीआर, चोहिलावाली, लखूवाली, 5 आरपी, 3 आरपी सहित अन्य प्रभावित गांवों में विशेष गिरदावरी कराकर नुकसान का सही आकलन किया जाए और ढाणियों एवं गांवों में फॉगिंग की नियमित व्यवस्था की जाए ताकि बीमारियों पर नियंत्रण रहे।किसान नेताओं ने कहा कि सरकार व प्रशासन को समय रहते मांगों पर ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें आश्वासनों में उलझाया जा रहा है, जबकि ज़मीन पर कोई कार्रवाई दिखाई नहीं देती।धरने में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। धरना स्थल पर किसानों ने बैनर और तख्तियों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की। किसान सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा लेकिन मांगों को लेकर समझौता नहीं किया जाएगा। सभा को मनीष बुरड़क, मोहन लोहार, इंद्रजीत शर्मा ,राजेश, सरपंच सोहनलाल, पाल सिंह, शिव प्रकाश शर्मा ,हंसराज, जयदेव, बहादुर सिंह, इकबाल ,चरनप्रीत बराड, रघुवीर वर्मा, रामेश्वर वर्मा ,गोपाल बिश्नोई, मनीराम मेघवाल ,कालूराम चाहर, हंसराज बामनिया, बलदेव सिंह, गौरी शंकर पिलानिया जय श्री राम कालू जी चाहर रामचंद्र तेतरवाल भाणा जी सिल्लू सुरेंद्र बान्ना महेंद्र पिलानिया राकेश बिश्नोई लालचंद पंथडिया चुन्नी राम जी नाई राजेंद्र चाहर ईमी लाल जी खाए वाला सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

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