बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रमों का आयोजन

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान के तहत बाल अधिकारिता विभाग द्वारा जिले के राजकीय उमावि बख्तावरपुरा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविन्द कुमार ओला के निर्देशन में बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान के तहत जिले के विभिन्न संस्थानों में समय-समय पर बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है एवं बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलवाई जा रही है। इस जागरूकता कार्यक्रम में चाईल्ड हेल्पलाइन 1098 बाल अधिकारिता विभाग की टीम ने राउमावि बख्तावरपुरा के स्टाफ एवं बच्चों को बाल विवाह रोकथाम के लिए शपथ दिलवाई एवं बच्चों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की धाराओं व विभिन्न प्रावधानों के बारे में बताया। बाल विवाह में शामिल होने वाले रिश्तेदारों, हलवाई, टेंट वाले, डीजे वाले, पंडित इत्यादियों को होने वाली सजा के प्रावधानों के बारे बताया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन झुंझुनूं के परियोजना समन्वयक महेश कुमार मांजू, काउंसलर अरविन्द कुमार एवं बाल अधिकारिता विभाग की आउटरिच वर्कर पूनम जांगिड़ ने, के समस्त स्टाफ एवं बच्चों को बाल विवाह एवं बाल शोषण के शिकार बच्चों की सूचना होने पर अतिशीघ्र चाईल्ड हेल्पनलाईन के टोल फ्री नम्बर 1098 पर देने के लिए जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 24 घंटे सातों दिन हर समय बच्चों की सुरक्षा और उनकी मदद के लिए तैयार रहती है। जिससे बच्चों को किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण और उत्पीड़न से बचाया जा सकता है। इस उपयोगी कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला परियोजना समन्वयक महेश कुमार मांजू ने बताया कि जिले के राउमावि बख्तावरपुरा के प्रधानाचार्य महेशचंद्र भांबू, व्याख्याता रत्ना सैनी, वरिष्ठ अध्यापक मुकेश कुल्हार, अध्यापिका सुशीला, सरीना खान, विकास कुमार एवं समस्त विद्यालय स्टाफ इत्यादी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी बच्चों, विद्यालय स्टाफ एवं कर्मचारियों को बाल विवाह से जुड़े खतरों और उसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही उन्हें यह बताया गया कि बाल विवाह से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास प्रभावित होता है और इससे कई सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। गुड टच बैड टच, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, बाल तस्करी एवं बाल उत्पीड़न के बारे में विस्तार से बताया गया। बाल विवाह के संदर्भ में प्राप्त होने वाली सूचना चाईल्ड हेल्पलाईन 1098, एसडीएम बाल विवाह प्रतिषेघ अधिकारी, स्थानीय पुलिस, बाल कल्याण समिति, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग समस्त ब्लाॅक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, समस्त ब्लाॅक बाल विकास परियोजना अधिकारी, स्थानीय सरपंच इत्यादि को यथाशीध्र सूचना दी जाए ताकि बाल विवाह की रोकथाम की समुचित कार्यवाही हो सके। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को साकार बनाने के लिए राजस्थान सरकार ने बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान की शुरूआत की है। जिले में समय-समय पर बाल अधिकारिता विभाग द्वारा जिले के काफी विद्यालयों, निजी संस्थानों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों, विद्यालय स्टाफ एवं कर्मचारियों और उपस्थित अधिकारियों को बाल विवाह रोकथाम के लिए शपथ दिलाई गई।

राजस्थान वक्फ बोर्ड ने भेजी पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री | Ashok Gehlot | Wakf Board Relief

GST स्लैब में बदलाव: चूरू की जनता की राय | फायदा या नुकसान? जानिए सच्चाई | Ground Report

NSUI का चूरू में कुलपति के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन | लोहिया कॉलेज में छात्रों का अनोखा विरोध | Churu News

चूरू में जाम, हादसों और सीवर क्षति से परेशान नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन | Heavy Vehicles Ban Demand |