लोहिया महाविद्यालय में समारोह पूर्वक मनाया संस्कृत दिवस
चूरू। लोहिया महाविद्यालय में सोमवार को संस्कृत दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. मंजू शर्मा ने की। वहीं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. एस. डी. सोनी थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. अरविंद शर्मा थे। मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. एस.डी. सोनी ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी और ‘राजमाता’ है। भाषा का सरलीकरण होना चाहिए ताकि यह सभी तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विद्वानों की भाषा आमजन की भाषा से भिन्न है, परंतु वेद का संदेश प्रत्येक व्यक्ति विज्ञान और संस्कृत से जुड़ा है। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. मंजू शर्मा ने कहा कि हिंदी फिल्मों के नाम भी अब संस्कृत में रखे जाने लगे हैं। हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत तीनों भाषाओं का सामंजस्य ज्ञान की परंपरा को सुदृढ़ करता है। उन्होंने संस्कृत को हमारे संस्कारों का अभिन्न अंग बताया। संस्कृत दिवस का महत्व बताते हुए प्रो. डॉ. मूलचंद ने कहा कि यह दिन ऋषि-मुनियों, गुरु-शिष्य परंपरा और विद्यारंभ संस्कार को स्मरण करने का अवसर है। प्राचीन काल में इस दिन से विविध संस्कार प्रारंभ होते थे। इस अवसर पर प्रो. डॉ. दिनेश कुमार चारण व प्रो. सरोज हारित ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. उम्मेद सिंह गोठवाल ने किया। कार्यक्रम में डॉ. अंजू ओझा, डॉ. संजू झाझरिया, डॉ. बारूपाल, डॉ. विनोद कुमार, लालचंद, पुष्पेंद्र कुमार सहित महाविद्यालय सदस्य, संस्कृत विभाग के विद्यार्थी उपस्थित थे। प्रो. मूलचंद ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।