प्राईवेट बस यूनियन ने की आर्थिक सहायता, एक साल की टैक्स माफी की मांग

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जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

चूरू। जिला कलक्टर को ज्ञापन देते हुए प्राईवेट बस यूनियन के अध्यक्ष रणवीर कस्वां ने बताया कि पिछले 15 माह से कोरोना की वैश्विक महामारी आपदा के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है राजस्थान राज्य अपितु पुरे भारत में वायुयान, रेलयान के साथ-साथ हमारी सभी यात्री बसें भी पूर्ण रूप से प्रभावित होकर पतन की ओर अग्रसर हैं । यात्री भार के अभाव में गत एक वर्ष से अब तक हमारी बसें खड़ी हुई हैं या कुछ बसें ही चल पाई हैं वह भी घाटे में रह कर क्योंकि मार्ग पर यात्री नहीं हैं तथा डिजल-पैट्रोल के भाव आसमान छू रहे हैं व राज्य में शादी, बारात, धार्मिक यात्रा, पिकनिक, पार्टी पर्यटक स्कूल कॉलेज, फैक्ट्री संस्थान, अस्पताल आदि में कार्य हेतु आने-जाने हेतु यात्रियों का भी भारी अभाव रहा है। इसके बावजूद परिवहन विभाग का टैक्स भी कर्जा करके समय पर जमा करवाया है। इन्श्योरेन्स का रूपया भी बरबाद हुआ है, बैंक के लोन की किस्त बस मालिकों पर टैक्स, फाइनेन्स, इन्सोरेन्स, टायर व मोटर मैन्टेनेन्स, कार्यालय खर्च आदी का कर्ज चड़ चुका है और कोई रास्ता नहीं सुझ रहा है आगे निकट भविष्य में भी व्यापार की कोई सकारात्मक सम्भावना नजर नहीं आ रही है। इस बार हम निजी बस ऑपरेटरों को जीवनदान देने की सख्त आवश्यकता है। इस बस व्यवसाय में ज्यादातर छोटे-छोटे बस संचालक हैं। जिन्होने भारी कर्जे के कारण डिप्रेशन में आकर या तो आत्म हत्या कर ली या अकाल मृत्यू को गले लगा लिया। यदि जल्द हि हम सब को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता पैकेज नहीं मिली तो कई बस ऑपरेटर बेरोजगार हो जायेगे व बसे-बसाये घर उजड़ जायेंगे। ।इस वैश्विक महामारी के चलते हमारी बसों का पूर्ण रूप से संचालन होने की कोई उम्मीद नहीं कि जा सकती है। हमें टैक्स, इन्श्योरेन्स में राहत देते हुए कम-से-कम एक वर्ष का टैक्स माफ किया जावे और इन्श्योरेन्स की अवधि को बढ़वाया जावे । हमें उम्मिद ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हमारी परेशानी को समझते हुए उच्च अधिकारियों से वार्ता कर सहयोग करें। इस अवसर पर गंगाराम चाहर, श्रवण भैड़ा, डेडराज, ताजु खां, राजु खां, मनोज, राजेश जांगिड़, बाबु खां, याकूब खां, रोहिताश भैड़ा, दौलत, राजु सिंह, शरीफ, श्रवणनाथ, मुन्नीनाथ, हजारी, नवाब खां, आसिफ, निसार, धनपत, आरिफ, रामनिवास, प्रवीण, रामस्वरूप, लीलाधर जोड़ी, भगवानाराम, श्रीभगवान, जगदीश व ओमप्रकाश आदि मौजूद थे।

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