मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी ने एसटीजी नहर का किया औचक निरीक्षण

24 एसटीजी के मोघे पर मिट्टी के गट्टे मिलने पर सीज के आदेश, छह अवैध डिस्चार्ज पाइप हटाने के निर्देश

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हनुमानगढ़।हिमांशु मिड्ढा
सिंचाई व्यवस्था में पारदर्शिता और नहरों में निर्धारित पानी के समान वितरण को लेकर सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी ने छुट्टी के दिन एसटीजी नहर का औचक निरीक्षण किया। मुख्य अभियंता के अचानक निरीक्षण पर पहुंचने की सूचना मिलने से विभागीय अधिकारियों में भी सक्रियता देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नहर के विभिन्न मोघों की स्थिति का जायजा लिया तथा कई मोघों के साइज और उनके डिस्चार्ज की जांच करवाई।निरीक्षण के दौरान 24 एसटीजी के मोघे पर अवैध रूप से मिट्टी के गट्टे लगाए हुए पाए गए। मुख्य अभियंता ने मौके पर स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मोघे को सीज करने के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहर में पानी के प्रवाह और मोघों के संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इसी दौरान नहर में लगी छह अवैध डिस्चार्ज पाइपों का भी मामला सामने आया। मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को इन सभी अवैध पाइपों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने नहर में निर्धारित नियमों के विपरीत किए गए किसी भी प्रकार के बदलाव पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता हरि सिंह सिहाग सहित सहायक अभियंता तथा सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। मुख्य अभियंता ने अधिकारियों से नहर की वर्तमान स्थिति, पानी के डिस्चार्ज तथा मोघों के संचालन से संबंधित जानकारी ली और मौके पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मुख्य अभियंता के छुट्टी के दिन अचानक क्षेत्र में निरीक्षण के लिए पहुंचने की खबर मिलते ही आसपास के किसान भी मौके पर पहुंच गए। किसानों ने मुख्य अभियंता द्वारा किए गए औचक निरीक्षण की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के निरीक्षण होने से नहरों में पानी के वितरण में पारदर्शिता आएगी तथा अवैध रूप से पानी लेने वालों पर अंकुश लगेगा।निरीक्षण के दौरान 19, 20 और 22 एसटीजी किसान संघर्ष समिति से जुड़े अधिवक्ता सुरेन्द्र झोरड़, रघुवीर सिंवर, रूपराम माहिया, सर्वजीत सिंह, बलराज सिंह, रणदीप सिंह मशरूवाला सहित अनेक किसान मौजूद रहे। किसानों ने नहर व्यवस्था से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। मुख्य अभियंता ने मौके पर मौजूद किसानों की बात सुनी और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।किसानों ने कहा कि नहरों में अवैध मोघे, पाइप अथवा पानी के प्रवाह को प्रभावित करने वाले अवरोधों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्य अभियंता द्वारा मौके पर की गई कार्रवाई से किसानों में सकारात्मक संदेश गया।

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