हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर में धूमधाम से मनाया गया ‘विश्व आदिवासी दिवस

एसटी जाति प्रमाण पत्र की समस्या को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

 

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हनुमानगढ़।हिमांशु मिड्ढा

आज दिनांक 09 अगस्त 2026 को धान मंडी, हनुमानगढ़ जंक्शन में आदिवासी धानका/धाणका समाज द्वारा ‘विश्व आदिवासी दिवस’ का आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों, युवाओं तथा बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर, आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा एवं समाज के महान प्रेरणापुंज व समाजसेवी स्व. डालचंद जी आर्य के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित वक्ताओं ने महापुरुषों द्वारा आदिवासी समाज के उत्थान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए दिए गए अभूतपूर्व योगदान को याद किया और समाज को शिक्षित, संगठित एवं जागरूक रहकर एकजुट रहने का संदेश दिया।समारोह के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में अनुसूचित जनजाति (ST) के जाति प्रमाण पत्र जारी न किए जाने की गंभीर प्रशासनिक उपेक्षा पर गहरा रोष प्रकट किया। समाज द्वारा इस अन्याय के विरोध में जिला कलेक्टर कार्यालय, हनुमानगढ़ के समक्ष 11 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है, जिसे आगामी 11 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक एक वर्ष पूरा होने जा रहा है।संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस विवाद की मुख्य जड़ 18 सितंबर 1976 की भारत सरकार की राजपत्र (Gazette) अधिसूचना है। मूल अंग्रेजी अधिसूचना में समाज को ‘Dhanka’ (धानका) के रूप में अनुसूचित जनजाति (ST) में सूचीबद्ध किया गया था, परंतु इसके हिंदी अनुवाद में लिपिकीय त्रुटि के कारण “धानका” के स्थान पर “धाणका” अंकित हो गया।केवल ‘ण’ और ‘न’ के इस मामूली भाषाई अंतर को आधार बनाकर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिला प्रशासन द्वारा पात्र लोगों के एसटी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं, जबकि राजस्थान के अन्य सभी जिलों में धानका/धाणका समाज को बिना किसी रुकावट के प्रमाण पत्र निर्गत किए जा रहे हैं।जाति प्रमाण पत्र के अभाव में समाज के होनहार युवा उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति एवं शासकीय नौकरियों में मिलने वाले संवैधानिक आरक्षण के अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि राजस्थान सरकार एवं स्थानीय प्रशासन ने इस विसंगति का अतिशीघ्र ठोस व स्थाई समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिलों की प्रत्येक तहसील कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।समाधान न होने की स्थिति में समाज के प्रतिनिधि सामूहिक आमरण अनशन शुरू करेंगे। आदिवासी धानका/धाणका समाज राजस्थान सरकार तथा जिला प्रशासन श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ से पुरजोर अपील करता है कि इस मामूली लिपिकीय त्रुटि को शीघ्र अतिशीघ्र दुरुस्त करवाकर एसटी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया सुचारू की जाए, ताकि समाज के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।

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