हनुमानगढ़। हिमांशु मिड्ढा
गौशाला समिति हनुमानगढ़ जंक्शन द्वारा आयोजित 721 रामायण व गीता पाठ का समापन शुक्रवार को धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के माहौल में हुआ। इस अवसर पर सुबह गुरूजी दयानंद शास्त्री के सानिध्य में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्णाहुति के साथ ही पाठों का भोग डाला गया। यज्ञ में मुख्य यजमान बीरबल जिन्दल, गोपाल जिन्दल, रघुवीर बंसल, इन्द्र हिसारिया और शिवभगवान ढुढाणी सहित अन्य यजमानों ने सपरिवार आहुति डालकर धर्मलाभ लिया।हवन यज्ञ के उपरांत विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। गौशाला प्रांगण में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा और भक्तों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में संत परमात्मानंद जी महाराज व उनके शिष्यों द्वारा कथा अमृत का वचन किया जिसे श्रद्धालुओ ने सुना।गौशाला समिति अध्यक्ष इन्द्र हिसारिया ने बताया कि यह आयोजन पिछले 16 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना से हर वर्ष रामायण और गीता पाठ का यह भव्य आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 1 अगस्त से पाठ शुरू हुए थे, जिनका भोग शुक्रवार को डाला गया। यह परंपरा गौमाता के आशीर्वाद और भक्तों की आस्था का प्रतीक है। समापन अवसर पर समितिअध्यक्ष इन्द्र हिसारिया ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि सभी के सहयोग से ही यह आयोजन सफल हो सका है। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और गौशाला प्रांगण में दिनभर भक्ति, सत्संग और सेवा का वातावरण बना रहा। इस मौके पर मनीष बतरा, मुकेश महर्षि, वीरेंद्र गोयल बब्बी भटवाले, रमन जिंदल, पीरखाना सेवा समिति के सदस्यों द्वारा अपनी सेवाएं दी।










