राष्ट्रीय मंच पर झुंझुनूं का जलवा, देशभर के स्काउट-गाइड प्रशिक्षकों को दिया प्रशिक्षण

पंचमढ़ी में आयोजित पायनियरिंग एवं फर्स्ट एड कोर्स में जिले के प्रशिक्षकों की रही अहम भूमिका, राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी पहचान

झुंझुनूं I झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
स्काउटिंग एवं गाइडिंग के क्षेत्र में झुंझुनूं जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराया है। भारत स्काउट एवं गाइड राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली के तत्वावधान में राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र पंचमढ़ी (मध्य प्रदेश) में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय पायनियरिंग एवं फर्स्ट एड कोर्स में झुंझुनूं जिले के प्रशिक्षकों ने संचालक दल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देशभर से आए स्काउटर एवं गाइडर को प्रशिक्षण प्रदान किया।कोर्स में अलसीसर के रामदेव सिंह गढ़वाल (सहायक लीडर ट्रेनर) एवं महेश कुमार, बुहाना ब्लॉक के नरेश सिंह तंवर (सहायक लीडर ट्रेनर) एवं सुरेश कुमार यादव तथा नवलगढ़ के शिवप्रसाद वर्मा (सहायक लीडर ट्रेनर) ने अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए प्रतिभागियों को पायनियरिंग एवं फर्स्ट एड की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों की दक्षता और अनुभव की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई। सीओ स्काउट महेश कालावत ने बताया कि पायनियरिंग एवं फर्स्ट एड कोर्स का उद्देश्य देशभर के स्काउट-गाइड प्रशिक्षकों को विशेष कौशलों में दक्ष बनाना है, ताकि वे आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बेहतर प्रशिक्षण दे सकें। उन्होंने कहा कि यह झुंझुनूं जिले के लिए गर्व का विषय है कि यहां के प्रशिक्षक केवल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण देने के लिए भी आमंत्रित किए जाते हैं।कालावत ने कहा कि झुंझुनूं के प्रशिक्षकों की कार्यकुशलता, अनुशासन और प्रशिक्षण क्षमता के कारण राष्ट्रीय मंचों पर उनकी मांग लगातार बढ़ रही है। यह उपलब्धि जिले में स्काउट-गाइड गतिविधियों की मजबूत परंपरा और गुणवत्ता का प्रमाण है।इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, जिला प्रशिक्षण आयुक्त चिरंजीलाल शर्मा, हेडक्वार्टर कमिश्नर रामावतार सबलानिया तथा जिला प्रधान गंगाधर सिंह सुंडा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रशिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिले के प्रशिक्षकों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर निभाई गई भूमिका न केवल झुंझुनूं बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है।