फतेहसागर तालाब से होगा जिलेव्यापी अभियान का शुभारंभ, 5 जून तक चलेंगे जागरूकता और श्रमदान कार्यक्रम – जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग

झुंझुनूं में कल से गूंजेगा ‘वंदे गंगा’ का संदेश, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की तैयारी

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
प्रदेश में जल संरक्षण और भू-जल स्तर सुधार को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से 25 मई (गंगा दशमी) से जिलेभर में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरूआत होगी। अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ बगड़ स्थित फतेहसागर तालाब पर सोमवार सुबह 8 बजे आयोजित कार्यक्रम से किया जाएगा। यह अभियान 5 जून तक जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों के साथ संचालित होगा। जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने बताया कि अभियान के तहत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को मिशन मोड पर आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों तक कार्ययोजना बनाकर अभियान को व्यापक जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश दिए हैं।अभियान के दौरान श्रमदान, जल स्रोतों की साफ-सफाई, पौधारोपण, प्रभात फेरियां, जागरूकता रैलियां, जल चौपाल और सामाजिक सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वयंसेवी संगठनों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, युवा समूहों और आमजन की सक्रिय भागीदारी अभियान की विशेषता रहेगी।

जल स्रोतों की पूजा से लेकर कलश यात्रा तक होंगे आयोजन

‘वंदे गंगा’ अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों की पूजा एवं सफाई, जल शक्ति अभियान ‘कैच द रैन’ के तहत कार्यक्रम, जल संचय जनभागीदारी गतिविधियां, नए कार्यों का शिलान्यास, भूमि पूजन और पूर्ण कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इसके अलावा वंदे गंगा प्रभात फेरी, कलश यात्रा, पीपल पूजन, पौधारोपण, नवीन अमृत सरोवर पूजन और ईको फ्रेंडली स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

जल स्वावलंबन और हरियालो राजस्थान पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के अंतर्गत नए कार्यों की स्वीकृति एवं शुरुआत की जाएगी। वहीं ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान की पूर्व तैयारियों को भी गति दी जाएगी। पक्षियों के लिए परिंडे बांधने, प्लास्टिक कचरे के निस्तारण, महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई और दीप प्रज्ज्वलन जैसे कार्यक्रम भी होंगे।कृषि एवं उद्यान विभाग की ओर से स्प्रिंकलर, ड्रिप, फार्म पॉन्ड और पाइपलाइन योजनाओं की स्वीकृतियां जारी की जाएंगी। प्राकृतिक एवं जैविक खेती, सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों पर कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां आयोजित होंगी। किसान चौपालों में प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद तथा कृषि विज्ञान केंद्रों पर संगोष्ठियां भी आयोजित की जाएंगी।

4 जून को ‘रन फॉर एन्वायरमेंट’, 5 जून को समापन

वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से 4 जून को ‘रन फॉर एन्वायरमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं अभियान का समापन 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों के साथ किया जाएगा। अभियान के दौरान आमजन को तुलसी के पौधों का वितरण भी किया जाएगा।

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