प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप, 60 दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
चूरू। निकटवर्ती रतनपुरा गांव में व्याप्त गंभीर पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन पर पूर्व में किए गए समझौते और आश्वासनों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि अगर आगामी 5 दिवस में व्यवस्था सुचारू नहीं हुई तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएगें। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल संकट को लेकर दिसंबर 2025 में गांव में धरना-प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद 15 जनवरी 2026 को प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समझौता हुआ था, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में भारी रोष है।ज्ञापन सौंपने के बाद जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में अधिकारियों और ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच लंबी वार्ता हुई। चर्चा के बाद प्रशासन ने पेयजल समस्या के समाधान के लिए 60 दिन का अंतिम आश्वासन दिया।इस दौरान करण सिंह फौजी ने कहा कि प्रशासन पहले भी झूठे वादे कर चुका है, जिसके कारण ग्रामीणों को दोबारा संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 60 दिनों में स्थायी समाधान नहीं हुआ तो अब सीधा आर-पार का आंदोलन किया जाएगा।
आरएलपी नेता दिनेश भामासी ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए ग्रामीणों को आंदोलन करना पड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आरएलपी पूरी मजबूती के साथ ग्रामीणों के समर्थन में खड़ी है और तय समय में समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को परेशान होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। इस अवसर पर करणसिंह फौजी, मनफूल फौजी, धर्मवीर महला, सोमवीर सहारण, सुभाष सहारण, गोर्धन धिनवाल, इश्वर स्वामी, प्रेम बिंनदा, जितू सुढा, पीडी सुढा, ओम भेरी, हनुमान मेघवाल, हरिसिंह बुडानिया और राधेश्याम बुडानिया, दिनेश भामासी, विजय पुनिया, देवेश, संदीप कपूरिया, श्रवण सैन, जेपी गोदारा सहित बड़ी संख्या में RLP कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
















