32 वर्षों से जारी सेवा अभियान, मरीजों को दवाइयों के साथ जागरूकता का भी दिया संदेश
चूरू। जिले के रतननगर में पिछले 32 वर्षों से प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को लगने वाला निःशुल्क मिर्गी निदान शिविर 5 मई को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। त्रिवेणी देवी सुरेका चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में इसकी इकाई एपीलेप्सी केयर एण्ड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह 381वां शिविर रहा, जिसमें 540 मरीजों का उपचार कर उन्हें पूरे माह की दवाइयाँ निःशुल्क वितरित की गईं।शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों का पंजीकरण कर उनका विस्तृत चिकित्सीय मूल्यांकन किया गया। जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयाँ देने के साथ उनके परिजनों को मिर्गी रोग की प्रकृति, नियमित उपचार और दीर्घकालीन देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, मिर्गी से जुड़े सामाजिक कलंक को खत्म करने के लिए जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए।मुख्य न्यूरोफिजिशियन डॉ आर के सुरेका ने बताया कि भारत में मिर्गी के करीब 60-70 प्रतिशत मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पाता, जिसे “ट्रीटमेंट गैप” कहा जाता है। उन्होंने इस अंतर को कम करने के लिए जागरूकता बढ़ाने, अंधविश्वास दूर करने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और सस्ती दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि मरीजों के लिए नियमित रूप से दवा लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि बीच में दवा बंद करने से दौरे दोबारा शुरू हो सकते हैं। दूरदराज क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए टेलीमेडिसिन और मोबाइल हेल्थ सेवाओं के उपयोग पर भी बल दिया गया।शिविर में प्रकाश सुरेका, डॉ रोहित सुरेका, डॉ रक्षित सुरेका, डॉ जयसिंह, डॉ सरीन सहित अन्य चिकित्सकों और सहयोगियों ने अपनी सेवाएं दीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
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